अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक और शोध पहचान को मजबूती के साथ स्थापित किया है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती लैंग्वेज यूनिवर्सिटी, लखनऊ में 6 और 7 दिसंबर को आयोजित 7वीं इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन एनवायरनमेंट एंड सोसायटी (आईसीईएस–2025) में विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोधार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया।
पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार चौधरी को उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान, शोध कार्य और प्रभावशाली नेतृत्व क्षमता के लिए प्रतिष्ठित इंडो–ग्लोबलइंटरनेशनलएक्सीलेंसअवार्ड–2025 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अवध विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत गौरव और गर्व का विषय माना जा रहा है।
इसी सम्मेलन में पर्यावरण विज्ञान विभाग की शिक्षिका डॉ. नमिता गुप्ता को शिक्षण उत्कृष्टता, शोध निर्देशन और सतत अकादमिक योगदान के लिए “बेस्टफैकल्टीअवार्ड–2025” प्रदान किया गया। वहीं विभाग की शोधार्थी अदिति बरनवाल ने अपने शोध पत्र की उत्कृष्ट मौखिक प्रस्तुति (ओरल पेपर प्रेजेंटेशन) के लिए द्वितीयपुरस्कार प्राप्त किया। उनके शोध की वैज्ञानिक गुणवत्ता, प्रस्तुति शैली और विषय की गहन समझ की विशेषज्ञों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की।
आईसीईएस–2025 में अवध विश्वविद्यालय की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि संस्थान लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक और शोध क्षमताओं का प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहा है। यह उपलब्धि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के बढ़ते योगदान को भी रेखांकित करती है।