अंबेडकर नगर। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भाजपा ने गुरुवार को जयंती संस्मरण पखवाड़े के तहत जिला मुख्यालय स्थित लोहिया सभागार में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य एवं भाजपा क्षेत्रीय मंत्री विनोद कुमार पटेल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति और त्याग का प्रतीक था। उन्होंने बताया कि डॉ. मुखर्जी ने इंग्लैंड से बैरिस्टर की शिक्षा प्राप्त करने के बाद कोलकाता हाईकोर्ट में प्रतिष्ठित वकील के रूप में पहचान बनाई। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वह महात्मा गांधी और सरदार पटेल से प्रभावित होकर देशसेवा में जुट गए। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू की अंतरिम सरकार में मंत्री रहते हुए भी उन्होंने देशहित को सर्वोपरि रखा और नेहरू-लियाकत समझौते का विरोध करते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। उनका बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
भाजपा जिलाध्यक्ष दिलीप पटेल देव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। वर्ष 1952 के पहले आम चुनाव में जनसंघ के तीन सांसद निर्वाचित हुए थे, जिनमें डॉ. मुखर्जी भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 का हटना डॉ. मुखर्जी के विचारों और बलिदान की वास्तविक विजय है। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित कर दिया।
सम्मेलन में विषय प्रवर्तक के रूप में पूर्व जिलाध्यक्ष यमुना प्रसाद चतुर्वेदी ने डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दिलीप पटेल देव ने की, जबकि संचालन आनंद श्रीवास्तव ने किया।
इस अवसर पर एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा, ज्ञान सागर सिंह, रमाशंकर सिंह, भारती सिंह, ब्लॉक प्रमुख संजय सिंह, आनंद वर्मा, ओमकार गुप्ता, डॉ. राना रणधीर सिंह, मनोज मिश्र, डॉ. रजनीश सिंह, विमलेंद्र प्रताप सिंह ‘मोनू’, बाबा राम शब्द यादव, सुरेश कन्नौजिया, जिला मीडिया प्रभारी बाल्मीकि उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।