◆ बाल तस्करी के खिलाफ साझा रणनीति पर जोर, अभियोजन को बताया सबसे अहम कड़ी
अयोध्या। विश्व मानव तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर अपराजिता सामाजिक समिति द्वारा एक बहु-हितधारक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। यह समिति जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलायंस की साझेदार संस्था है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रोबेशन अधिकारी अश्विनी तिवारी ने की।
बैठक में रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेलवे पुलिस, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, चाइल्डलाइन, श्रम विभाग, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, वन स्टॉप सेंटर समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच तालमेल को मजबूत करना, ज़मीनी स्तर की चुनौतियों की पहचान करना, तथा बाल तस्करी की रोकथाम, बचाव, पुनर्वास और अभियोजन के लिए संयुक्त कार्ययोजना बनाना था। सभी प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति जताई कि समयबद्ध और समन्वित कार्रवाई के बिना बाल तस्करी की प्रभावी रोकथाम संभव नहीं।
कार्यक्रम में अपराजिता की निदेशक किरण वैश्य ने कहा, बाल तस्करी रोकने के लिए अभियोजन सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। जब तक दोषियों को सज़ा नहीं मिलेगी, तब तक डर और रोकथाम संभव नहीं है। प्रशासन और कानून व्यवस्था के बेहतर तालमेल से ही बच्चों को सुरक्षित किया जा सकता है।
इस अवसर पर डीसी कविता मिश्रा, प्रोग्राम मैनेजर अभय पांडे, श्रम विभाग के प्रतिनिधि वीके मिश्रा, वन स्टॉप सेंटर की डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर प्रभा मणि पाल, चाइल्डलाइन की डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर पल्लवी दीक्षित, शिवम विश्वकर्मा, पूजा पांडे सहित कई विशेषज्ञ व सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।