आलापुर अम्बेडकर नगर। राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में पंचायत भवन को लेकर सामने आया मामला बेहद गंभीर और चिंताजनक सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि ग्राम प्रधान ने पंचायत भवन को अपने और अपने कथित साथियों के लिए मौज-मस्ती का अड्डा बना रखा था। मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब गांव की ही 11 एवं 12 वर्षीय दो नाबालिग बालिकाओं ने ग्राम प्रधान और उसके दो साथियों पर उन्हें पंचायत भवन के भीतर खींचकर ले जाने के प्रयास का आरोप लगाया।
बताया जाता है कि दोनों बालिकाएं चारा काटकर पंचायत भवन के रास्ते से अपने घर वापस लौट रही थीं। इसी दौरान ग्राम प्रधान और उसके साथ मौजूद दो अन्य युवकों ने दोनों बालिकाओं को कथित तौर पर अपने पास बुलाया। आरोप है कि प्रधान एवं उसके साथियों ने बालिकाओं को अपना मोबाइल नंबर देने के साथ-साथ उनसे और उनके घर की महिलाओं के मोबाइल नंबर मांगने शुरू कर दिए।
बालिकाओं ने जब नंबर देने से इनकार किया और वहां से वापस जाने लगीं तो आरोप है कि ग्राम प्रधान एवं उसके दोनों साथियों ने उन्हें कथित तौर पर खींचकर पंचायत भवन के अंदर ले जाने का प्रयास किया। अचानक स्थिति बिगड़ती देख दोनों बालिकाएं जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े और देखते ही देखते पंचायत भवन के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
ग्रामीणों की भीड़ बढ़ती देख ग्राम प्रधान के दोनों साथी स्कूटी पर सवार होकर मौके से भाग निकले। वहीं, ग्रामीणों के भारी आक्रोश को देखते हुए ग्राम प्रधान पंचायत भवन के भीतर चला गया और कथित तौर पर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
घटना की सूचना मिलते ही बालिकाओं के चाचा ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पीआरबी टीम मौके पर पहुंची और पंचायत भवन का दरवाजा खुलवाकर ग्राम प्रधान को अपने साथ थाने ले गई।
इसके बाद बालिकाओं के चाचा ने ग्राम प्रधान और उसके दोनों साथियों को नामजद करते हुए राजेसुल्तानपुर थाने में लिखित तहरीर दी।
इस विषय में राजेसुल्तानपुर थाना अध्यक्ष तनुज पाल से बात करने पर उन्होंने बताया कि नामजद आरोपियों पर मुकदमा पंजीकृत कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।