◆ 5 से 8 नवंबर तक होंगे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर रहेगा जोर
अयोध्या। दीपोत्सव-2026 को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की विभागवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 5 नवंबर को गोवत्स द्वादशी, 6 नवंबर को धनत्रयोदशी, 7 नवंबर को मास शिवरात्रि, नरक चतुर्दशी, छोटी दीपावली एवं हनुमान जयंती और 8 नवंबर को दीपावली के अवसर पर अयोध्या में विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन होंगे।
दीपोत्सव के दौरान साकेत महाविद्यालय से शोभायात्रा और झांकियां निकाली जाएंगी। रामकथा पार्क में श्रीराम-सीता स्वरूप की वंदना, प्रदर्शनी, रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। सरयू आरती स्थल तथा राम की पैड़ी समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों को दीपोत्सव की थीम के अनुरूप सजाया जाएगा।
प्रशासन की ओर से स्वर्गद्वार की पुताई, राम की पैड़ी की विशेष सफाई, घाटों पर दीप व्यवस्था, पुष्प सज्जा, गमले, रेलिंग और लाइटिंग की मरम्मत जैसे कार्य कराए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए परिवहन, पेयजल, चिकित्सा, शौचालय, प्रकाश और विश्राम स्थलों की व्यवस्था पर भी विशेष जोर रहेगा।
बैठक में भीड़ नियंत्रण, यातायात, पार्किंग, सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, सीसीटीवी, मीडिया सेंटर, प्रेस पास और निराश्रित गोवंश की व्यवस्था सहित विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि दीपोत्सव अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।