अम्बेडकर नगर। कटेहरी विकासखंड के ग्राम मंशापुर में स्थित गाटा संख्या 145 का तालाब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस तालाब को उन्होंने वर्ष 2023 में चंदा इकट्ठा कर और श्रमदान से विकसित कराया था, उसी तालाब को अब ग्राम प्रधान व पंचायत अधिकारी अमृत सरोवर योजना में दिखाकर सरकारी धन की बंदरबांट की शिकायत की गई है।
ग्रामीणों का सहयोग
ग्रामीण संतोष सिंह ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि बाबा रामजानकी कुटी के पश्चिम स्थित इस तालाब को वर्ष 2023 में गांव वालों ने खुदवाया था। पक्की सीढ़ियां और चारों ओर पटान भी जनसहयोग से बनाया गया। इसमें न तो सरकारी धन लगा और न ही किसी योजना की मदद ली गई थी।
योजना में शामिल कर कागजों पर काम
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान व पंचायत अधिकारी ने पहले से विकसित तालाब को अमृत सरोवर योजना में शामिल कर कागजों पर दोबारा काम दिखाकर धन आहरण का खेल शुरू किया। ग्रामीणों की शिकायत पर कुछ समय पहले कार्य रोक दिया गया था, लेकिन पिछले सप्ताह से फिर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया।
शिकायतकर्ता को मिली धमकी
सबसे गंभीर आरोप यह है कि जब संतोष सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत की तो उन्हें धमकियां मिल रही हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले को धमकी देने वाले लोग भी बंदरबांट में शामिल हैं?
ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि पहले से बने तालाब पर दोबारा सरकारी पैसे खर्च करना जनता की मेहनत और सरकारी खजाने दोनों की बर्बादी है। संतोष सिंह ने मांग की है कि भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और ग्राम प्रधान के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।