अयोध्या। आस्था की अविरल धारा मां सरयू को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के उद्देश्य से रामनगरी में सामूहिक पहल होने जा रही है। शनिवार 31 अक्टूबर को नगर निगम की ओर से आयोजित महा स्वच्छता अभियान में करीब पांच हजार लोग एक साथ श्रमदान करेंगे। इस मुहिम में संत-महंत, तीर्थ पुरोहित, अधिवक्ता, व्यापारी, किसान, मांझी समाज, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और युवा शामिल होंगे। अभियान के माध्यम से नदी तट की सफाई के साथ समाज में स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देने की तैयारी है।
महाअभियान को व्यापक स्वरूप देने के लिए नगर निगम ने विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों से संपर्क साधा है। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी स्वयं अलग-अलग वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद कर उन्हें इस मुहिम से जोड़ रहे हैं। उनका प्रयास है कि सरयू की निर्मलता का संकल्प केवल सरकारी अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि शहर के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से जनचेतना का रूप ले।
इसी क्रम में शुक्रवार को नगर आयुक्त के नेतृत्व में मणि पर्वत परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने परिसर की सफाई कर सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। इस दौरान आगामी महा स्वच्छता अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई और अधिक से अधिक लोगों को श्रमदान के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।
इससे पहले गुरुवार को महापौर ने दुर्गेश पांडेय के नेतृत्व में आयोजित तीर्थ पुरोहित और मांझी समाज के प्रतिनिधियों की बैठक में सहभागिता की। उन्होंने दोनों समुदायों के लोगों से सरयू की स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। बैठक में अधिकाधिक लोगों को जोड़ने और सामूहिक श्रमदान की रूपरेखा पर चर्चा हुई।
अभियान में चिंतन संस्था के साथ उसकी सहयोगी संस्थाएं भी सहयोग करेंगी। सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों की ओर से जनसंपर्क कर लोगों को स्वच्छता मुहिम का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अधिवक्ता, व्यापारी और किसान संगठनों के साथ धार्मिक संस्थाओं से भी संपर्क किया गया है।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि मां सरयू अयोध्या की धार्मिक आस्था के साथ उसकी सांस्कृतिक पहचान और जनजीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। उनकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। पांच हजार लोगों की सामूहिक भागीदारी इस बात का संदेश देगी कि अयोध्यावासी अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने शहरवासियों से शनिवार सुबह आठ बजे अभियान में पहुंचकर श्रमदान करने और स्वच्छ अयोध्या के प्रयास में सहभागी बनने की अपील की।