◆ 300 फीट लंबा और 50 फीट ऊंचा तैयार हो रहा रामायण थीम पर आधारित भव्य फसाड
◆ एलईडी वॉल, प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर और इमर्सिव साउंड इफेक्ट्स से मिलेगा अनूठा अनुभव, 150 कलाकार करेंगे सजीव मंचन
अयोध्या । अयोध्या के दसवें दीपोत्सव में इस बार श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रामायण की गाथा एक नए अंदाज में देखने को मिलेगी। राम की पैड़ी पर सरयू नदी के मध्य रामायण थीम पर आधारित करीब 300 फीट लंबा और 50 फीट ऊंचा सिनेमैटिक फसाड तैयार किया जा रहा है। इस पर अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से लगभग 22 मिनट का विशेष शो प्रस्तुत होगा। इसमें एलईडी वॉल, प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर और इमर्सिव साउंड इफेक्ट्स के जरिए रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा।
इस प्रस्तुति में तकनीक और पारंपरिक कला का संगम देखने को मिलेगा। दिल्ली से आई कंपनी मॉडर्न स्टेज सर्विस के प्रतिनिधि के अनुसार, विशाल एलईडी वॉल पर हाई-रिजॉल्यूशन विजुअल्स प्रदर्शित किए जाएंगे। इनके साथ फसाड पर प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर और डायनेमिक लाइटिंग का समन्वय होगा। इमर्सिव साउंड इफेक्ट्स के जरिए दर्शकों को रामायण के प्रसंगों से जुड़ा विशेष अनुभव देने की तैयारी है।
150 कलाकार करेंगे रामायण के पात्रों का मंचन
सिनेमैटिक शो के साथ दिल्ली, मुंबई सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 150 कलाकार रामायण के पात्रों का सजीव मंचन करेंगे। लाइव परफॉर्मेंस और आधुनिक दृश्य तकनीक के तालमेल से सरयू तट पर रामकथा के प्रमुख प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे दर्शकों को रामायण की कथा मंचन और दृश्य प्रभावों के माध्यम से देखने का अवसर मिलेगा।
परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम
दीपोत्सव के दसवें वर्ष को खास बनाने के लिए इस बार आयोजन में तकनीक और कला के नए प्रयोग किए जा रहे हैं। रामनगरी में दीप प्रज्ज्वलन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीपोत्सव का प्रमुख आकर्षण बन रही हैं। सिनेमैटिक फसाड के माध्यम से पारंपरिक रामकथा को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत करने की तैयारी है।
राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। ऐसे में दीपोत्सव के दौरान होने वाली इस तरह की प्रस्तुतियां शहर के सांस्कृतिक और पर्यटन आकर्षण को नया विस्तार देंगी। इस बार राम की पैड़ी पर होने वाला सिनेमैटिक शो दीपोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहने की उम्मीद है।