अम्बेडकर नगर। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में मूल्य समर्थन योजना के तहत धान खरीद प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए शासन ने क्रय नीति में संशोधन किया है। अब फार्मर आईडी में क्रॉप सर्वे का डेटा उपलब्ध नहीं होने पर भी किसान धान खरीद के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। इस संबंध में दो नवंबर को जारी शासनादेश के क्रम में जिला खाद्य विपणन अधिकारी गोरखनाथ ने नई व्यवस्था की जानकारी दी है।
नई व्यवस्था के तहत जिन किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, उनकी आईडी में दर्ज सभी भूमियों का विवरण पंजीकरण में शामिल किया जाएगा। यदि संबंधित भूमि पर क्रॉप सर्वे के माध्यम से फसल का विवरण उपलब्ध नहीं है तो किसान को स्वयं अपनी फसल चुनने का विकल्प मिलेगा। इसमें धान, मक्का, ज्वार, बाजरा और अन्य फसलों का चयन किया जा सकेगा।
यदि क्रॉप सर्वे में दर्ज फसल और किसान द्वारा चुनी गई फसल एक समान है तो पंजीकरण स्वतः सत्यापित मान लिया जाएगा। वहीं, किसान द्वारा अन्य फसल का विकल्प चुनने पर संबंधित भूमि पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत खरीद नहीं की जाएगी। सर्वे में दर्ज फसल से अलग विकल्प चुनने पर मामला संबंधित अधिकारियों के ऑनलाइन सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। अधिकारी पूर्व की व्यवस्था के अनुसार इसका सत्यापन करेंगे।
यह संशोधित व्यवस्था पूर्व में कराए जा चुके पंजीकरण के साथ ही वर्तमान में हो रहे पंजीकरण पर भी लागू होगी। इससे क्रॉप सर्वे का डेटा अधूरा होने के कारण किसानों को पंजीकरण में होने वाली परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।