◆ खबर प्रकाशित होने के बाद दबाव बनाने का आरोप, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने की मांग
@ लालमणि पाण्डेय
अम्बेडकर नगर। नो-एंट्री के दौरान निजी बसों के आवागमन को लेकर चल रहा विवाद अब कथित हाथापाई के आरोप तक पहुंच गया है। पीआरडी जवान अजय कुमार वर्मा ने आरोप लगाया है कि निजी बसों के नो-एंट्री में प्रवेश को लेकर शिकायत और खबर प्रकाशित होने के बाद तहसील तिराहे के पास उसके साथ हाथापाई की गई। शिकायतकर्ता ने इस घटना में यातायात के एक सिपाही की भूमिका बताते हुए आरोप लगाया है कि यह कार्य टी एस आई के इशारे पर की गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने अकबरपुर की यातायात व्यवस्था और नो-एंट्री के दौरान निजी बसों के आवागमन को लेकर शिकायत की थी। आरोप था कि निर्धारित व्यवस्था के विपरीत निजी बसों को नो-एंट्री क्षेत्र में प्रवेश दिए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसी मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई थी।
अजय कुमार वर्मा का आरोप है कि शिकायत के बाद उस पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। इसी क्रम में तहसील तिराहे के पास उसके साथ कथित तौर पर हाथापाई की घटना हुई। घटना को लेकर शिकायतकर्ता ने पुलिस और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सीसीटीवी फुटेज से सामने आ सकता है सच
शिकायतकर्ता ने तहसील तिराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तत्काल सुरक्षित कराने की मांग की है। उसका कहना है कि घटना के समय की फुटेज की जांच होने पर हाथापाई की घटना और उसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है। इसके साथ ही संबंधित स्थान की ड्यूटी, ड्यूटी रजिस्टर और मौके पर मौजूद कर्मचारियों की भी जांच किए जाने की मांग की गई है।
लंबे समय से तैनाती पर भी उठाए सवाल
शिकायतकर्ता ने कुछ कर्मचारियों की लंबे समय से जनपद में तैनाती को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि बृजेश पासवान करीब 11 वर्षों से जिले में तैनात हैं और उन्होंने जनपद में निजी मकान भी बनवा लिया है। इसी तरह रामप्रवेश यादव के करीब 10 वर्षों से तैनात रहने का भी दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने दोनों की तैनाती अवधि और विभागीय नियमों के अनुपालन की जांच कराने की मांग की है।
पहले भी लगाए जा चुके हैं गंभीर आरोप
गौरतलब है कि इससे पहले पीआरडी जवान ने यातायात सुरक्षा प्रभारी जय बहादुर यादव पर निजी बसों को नो-एंट्री में प्रवेश दिलाने और इसके एवज में कथित रूप से रुपये लिए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में अन्नावां बाजार में ड्यूटी, निजी बसों के आवागमन और अकबरपुर की यातायात व्यवस्था से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जांच की मांग की गई थी।
अब कथित हाथापाई के मामले ने पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेगा। उसने सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर, संबंधित आदेशों और निजी बसों के आवागमन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।