अयोध्या। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में मंडल के पांच जिलों में 4,893 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया। योजना के संचालन पर 47.47 करोड़ रुपये व्यय किए गए, जबकि इसके लिए 47.67 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत थी।
योजना का संचालन अयोध्या, अम्बेडकरनगर, अमेठी, बाराबंकी और सुल्तानपुर जनपदों में किया गया। विभागीय आंकड़ों के अनुसार सुल्तानपुर में सर्वाधिक 2,008 जोड़ों का विवाह हुआ। इनमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 1,583, अन्य पिछड़ा वर्ग के 388, अल्पसंख्यक वर्ग के 14 तथा सामान्य वर्ग के 23 जोड़े शामिल रहे।
अयोध्या जनपद में 1,088, बाराबंकी में 767, अम्बेडकरनगर में 722 तथा अमेठी में 308 जोड़ों का विवाह कराया गया। मंडल स्तर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के 3,707, अन्य पिछड़ा वर्ग के 1,088, अल्पसंख्यक वर्ग के 40 तथा सामान्य वर्ग के 58 जोड़ों ने योजना का लाभ प्राप्त किया।
समाज कल्याण विभाग के अनुसार योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विवाह योग्य युवक-युवतियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। सामूहिक विवाह समारोहों के आयोजन में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अयोध्या मंडल को 3,805 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए 9.39 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। जून 2026 तक व्यय नहीं हो सका, क्योंकि टेंडर प्रक्रिया लंबित थी। विभाग के अनुसार बाराबंकी में जुलाई के प्रारंभ में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 8 और 10 जुलाई को 429 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया जा चुका है।
उपनिदेशक समाज कल्याण, अयोध्या मंडल राकेश रमन ने बताया कि आगामी महीनों में भी योजना के तहत पात्र लाभार्थियों का चयन कर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।