जलालपुर अंबेडकर नगर। ग्राम समाज की भूमि पर बने अमृत सरोवर परिसर से सैकड़ों यूकेलिप्टस के पेड़ों की कथित अवैध कटान के मामले में शिकायत के दस दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया है।
मामला जलालपुर विकासखंड के सोहगूपुर गांव स्थित अमृत सरोवर से जुड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार तालाब के चारों ओर वर्षों से खड़े लाखों रुपये मूल्य के यूकेलिप्टस के पेड़ों को कटवाकर बेच दिया गया। आरोप है कि ग्राम प्रधान अरविंद यादव ने बिना वैधानिक अनुमति के सरकारी संपत्ति की कटान कराई और उससे आर्थिक लाभ अर्जित किया। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि कर्बला के निकट स्थित अमृत सरोवर परिसर में रातों-रात पेड़ों की कटान कर दी गई। उनका यह भी आरोप है कि कुछ समय पूर्व गांव के एक अन्य तालाब के किनारे लगे यूकेलिप्टस के पेड़ भी कटवाकर बेच दिए गए थे। शिकायत के बाद पंचायत विभाग ने ग्राम प्रधान से स्पष्टीकरण तलब किया था।
एडीओ पंचायत बृजेश तिवारी के अनुसार ग्राम प्रधान ने अपने स्पष्टीकरण में बताया है कि पेड़ों की कटान के लिए पूर्व में वन विभाग एवं भूमि प्रबंधन समिति से अनुमति प्राप्त करने हेतु पत्राचार किया गया था। हालांकि, इस संबंध में कोई अभिलेख या प्रमाण विभाग के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब अनुमति से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, तो अब तक अवैध कटान के संबंध में एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई गई। वहीं प्रशासनिक कार्रवाई में हो रही देरी से मामले को दबाने की आशंका भी जताई जा रही है। ग्रामीणों ने दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई और सरकारी संपत्ति के नुकसान की निष्पक्ष जांच की मांग की है।