जलालपुर, अंबेडकर नगर। तहसील क्षेत्र के बैरागल गांव में आंगनबाड़ी कार्यकत्री भर्ती को लेकर विवाद गहरा गया है। गांव निवासी रूमी पत्नी जगदीश ने चयन प्रक्रिया में फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाए जाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की है। मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से शिकायतकर्ता में नाराजगी है।
बताया गया कि वर्ष 2025 में शासन की ओर से विभिन्न ग्राम सभाओं में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। भर्ती में अभ्यर्थियों की मेरिट, पारिवारिक आय और ग्राम सभा का निवासी होना प्रमुख आधार तय किया गया था। बैरागल गांव में रिक्त पद के लिए रूमी पत्नी जगदीश ने भी आवेदन किया था, लेकिन चयन प्रक्रिया के बाद गांव की ही चांदनी पत्नी प्रदीप कुमार का चयन कर लिया गया।
रूमी का आरोप है कि चयनित अभ्यर्थी के पति शिक्षा विभाग में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हैं और उनकी मासिक आय 10 हजार रुपये से अधिक है। इसके बावजूद राजस्व विभाग के एक लेखपाल की मिलीभगत से मात्र 46 हजार रुपये वार्षिक आय दर्शाते हुए प्रमाण पत्र जारी करा लिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसी कथित फर्जी आय प्रमाण पत्र के आधार पर चयन प्रक्रिया प्रभावित हुई।
मामले की शिकायत जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी से किए जाने पर उपजिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार जलालपुर से जांच कराई। जांच के दौरान चयनित अभ्यर्थी के पति के शिक्षा विभाग में कार्यरत होने और आय निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाने की बात सामने आई। जांच रिपोर्ट में जारी आय प्रमाण पत्र को निरस्त किए जाने योग्य बताया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच रिपोर्ट आए करीब एक माह बीत चुका है, लेकिन अब तक आय प्रमाण पत्र निरस्त नहीं किया गया। रूमी पत्नी जगदीश ने उपजिलाधिकारी व तहसीलदार से जांच रिपोर्ट के आधार पर आय प्रमाण पत्र निरस्त करने, रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने तथा संबंधित लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।