अयोध्या। शहर के एसएसवी इंटर कॉलेज का वार्षिक समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि अशर्फी भवन के पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री श्रीधराचार्य जी महाराज ने शिक्षा को जीवन की पूर्णता का आधार बताते हुए कहा कि जैसे मूर्तिकार साधारण शिला को दिव्य प्रतिमा का रूप देता है, वैसे ही शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को आकार देते हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल बाहरी ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के परिमार्जन की प्रक्रिया है। शिक्षक विद्यार्थियों की क्षमता और सामर्थ्य को पहचानकर उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी आह्वान किया कि वे बच्चों की रुचि और योग्यता को समझकर उनका मार्गदर्शन करें, ताकि वे अपने जीवन लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।
समारोह की अध्यक्षता संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र कुमार सिंह ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रेरित करते हुए अनुशासन और परिश्रम को सफलता की कुंजी बताया। प्रधानाचार्य डॉ. मणि शंकर तिवारी ने स्वागत भाषण में विद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत शिक्षा के माध्यम से और सशक्त होती है। वरिष्ठ शिक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार मिश्रा ने विद्यालय के इतिहास और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। प्रबंधक सुश्री शची मेहरोत्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। समारोह का संचालन शिक्षक विवेकानंद पांडेय ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। एनसीसी कैडेट्स ने कैप्टन उमाकांत भारती के निर्देशन में अतिथियों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस अवसर पर विद्यालय के नवनिर्मित द्वार का लोकार्पण तथा विद्यालय पत्रिका ‘सौरभ’ के 52वें अंक का विमोचन भी किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को विशेष आकर्षण प्रदान किया। विद्यार्थियों ने स्वस्तिवाचन, स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, वंदेमातरम्, बंधुत्व गीत, अवधी लोकगीत और राग यमन में शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित हिंदी एकांकी ने देशभक्ति का भाव जागृत किया, जिसे दर्शकों ने सराहा।
300 से अधिक मेधावियों का सम्मान
समारोह में शैक्षिक, सांस्कृतिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 300 से अधिक विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। छात्र उमंग विश्वकर्मा और ओम यादव को ‘मुकुंदी देवी मेहरोत्रा मेमोरियल अवार्ड’ के अंतर्गत 11-11 हजार रुपये प्रदान किए गए। वहीं ऋषभ यादव, समीर सिंह सहित अन्य विद्यार्थियों को रोटरी क्लब सम्मान के रूप में 2500-2500 रुपये की राशि दी गई।
इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, सेवानिवृत्त शिक्षक, गणमान्य नागरिक एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह शिक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना के समन्वय का सजीव उदाहरण बनकर सामने आया।