अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या का 30वां दीक्षांत समारोह सोमवार को प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेनपटेल की अध्यक्षता में भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में कुलाधिपति ने 125 मेधावीछात्र–छात्राओंको 140 स्वर्णपदक प्रदान किए तथा 1,89,119 उपाधियोंऔरअंकपत्रोंकोडिजिलॉकरमेंसमावेशित किया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में गुरु–शिष्यकीपरंपरासदियोंसेजीवंतरहीहै, किंतु आज इसके लुप्त होने का खतरा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भगवानश्रीरामकेआदर्शोंकोजीवनमेंअपनाएं और समाज के लिए एक आदर्श संतान के रूप में स्वयं को स्थापित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अब कक्षाओंमें 75 प्रतिशतउपस्थितिअनिवार्य होगी, अन्यथा छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी।
कुलाधिपति ने ड्रग्सकेबढ़तेप्रचलन को युवाओं के लिए घातक बताया और इसे रोकने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, अयोध्या प्रभु श्रीराम की भूमि है, यहां के युवा जीवन में अनुशासन और आदर्श को अपनाएं। राज्यपाल ने इस अवसर पर एचपीवीटीकाकरणअभियानकीशुरुआत भी की और कहा, बेटियों से बढ़कर कुछ नहीं, विवाह में कम खर्च करें पर वैक्सीन जरूर लगाएं।
समारोह के विशिष्ट अतिथि उच्चशिक्षामंत्रीयोगेंद्रउपाध्याय ने कहा कि अयोध्या केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि भारतकीचेतनाऔरसंस्कृतिकोऊर्जादेनेवालीभूमि है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि “दीक्षांत, शिक्षांत नहीं — यह नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उपाध्याय ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों की राष्ट्रीयऔरअंतरराष्ट्रीयरैंकिंग में हुई प्रगति पर गर्व जताया।
राज्यमंत्री (उच्चशिक्षा) रजनीतिवारी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश शिक्षाकाहब बन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान आज साकार रूप ले रहा है, क्योंकि इस बार सबसे अधिक स्वर्ण पदक हमारी बेटियों ने जीते हैं।
कुलपतिकर्नलडॉ. बिजेंद्रसिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि संस्थान अब स्वच्छता, हरितऊर्जाऔरआत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 तक सोलरएनर्जीप्लांटऔरजलप्रबंधनप्रणाली पूरी तरह संचालित हो जाएगी।
समारोह में विश्वविद्यालय की स्मारिकाऔरशिक्षकोंकीपुस्तकोंकाविमोचन, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किटवितरण, और प्राथमिक विद्यालय के बच्चों द्वारा पर्यावरणपरसांस्कृतिकप्रस्तुतियां हुईं। राज्यपाल और अन्य अतिथियों ने विश्वविद्यालय परिसर में लगी विभागीयप्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिसमें फैशनडिजाइनिंग, मिलेटव्यंजनऔरपर्यावरणप्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
समारोह का संचालन प्रो. नीलम पाठक ने किया और धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने दिया। इस अवसर पर संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।