जलालपुर, अम्बेडकर नगर। जलालपुर कोतवाली क्षेत्र में घरेलू विवाद के बाद हिरासत में लिए गए युवक द्वारा पुलिसकर्मियों पर कपड़े उतरवाकर पिटाई करने के लगाए गए आरोपों के मामले में नया मोड़ आ गया है। सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद पुलिस ने युवक का एक नया वीडियो बयान जारी कराया है, जिसमें उसने पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने से इनकार किया है। एक दिन पहले पिटाई के आरोप लगाने वाले युवक के अचानक बयान बदलने को लेकर मामला चर्चा में है।
मामला कोतवाली जलालपुर क्षेत्र के जीवत खुर्रम अली गांव के मधईपुर पुरवा का है। गांव निवासी संदीप यादव का बच्चों के बीच किसी बात को लेकर अपनी भाभी अंजू यादव और बहन सुमन यादव से विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर संदीप की मां सुशीला भी मौके पर पहुंचीं और बीच-बचाव करने लगीं। आरोप है कि इसी दौरान अंजू यादव ने सुशीला को धक्का दे दिया।
विवाद की सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और संदीप को हिरासत में लेकर कोतवाली ले जाने लगी। इसी दौरान अशरफपुर मड़गवां गांव के पास मौजूद एक उप निरीक्षक और सिपाही ने संदीप को अपने साथ ले लिया। संदीप के आरोप के मुताबिक इसके बाद उसे थाने ले जाकर पुलिसकर्मियों ने शरीर के पिछले हिस्से पर मारपीट की। बाद में पुलिस ने उसका शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया।
मामले की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। इसके बाद पुलिस ने युवक को कोतवाली बुलाया और उसका एक नया वीडियो बयान रिकॉर्ड किया। इस बयान में युवक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट किए जाने के आरोप से इनकार किया। पुलिस की ओर से यही वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित किया गया।
इस मामले में क्षेत्राधिकारी जलालपुर अनूप कुमार सिंह ने बताया कि युवक के साथ पुलिस की ओर से किसी तरह की मारपीट नहीं की गई है। युवक ने स्वयं भी बयान जारी कर पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोपों का खंडन किया है।