◆ इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर पर रखा रहा शव, सीढ़ियों पर बैठकर बिलखती रही पत्नी
◆ वाहन की चाभी लेकर गायब रहा चालक, फोन से भी नहीं हो सका संपर्क
◆ अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद दूर हुई समस्या, दूसरे चालक की व्यवस्था की चल रही थी कोशिश
अयोध्या । जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ व्यवस्थागत लापरवाही का एक संवेदनशील मामला सामने आया। पति की मौत के बाद उनका शव घर ले जाने के लिए एक महिला करीब दो घंटे तक शव वाहन का इंतजार करती रही। इस दौरान पति का शव इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर पर पड़ा रहा और पत्नी सीढ़ियों पर बैठकर आंसू बहाती रही। अस्पताल में शव वाहन तो मौजूद था, लेकिन चालक के न मिलने से उसका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था।
थाना पूराकलंदर क्षेत्र के सिडहरि नरसिंहपुर निवासी गायत्री के पति मुन्ना लाल की शुक्रवार को मौत हो गई थी। गायत्री ने बताया कि उन्होंने करीब 20 दिन पहले पति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई थी। परिवार में अकेली होने और आगे इलाज कराने में असमर्थता के चलते डॉक्टरों की सलाह पर वह पति को डिस्चार्ज कराकर घर ले जा रही थीं। इसी बीच अस्पताल के गेट पर उनकी मौत हो गई। इसके बाद वह उन्हें लेकर दोबारा अस्पताल पहुंचीं, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
गायत्री के मुताबिक उनके बच्चे छोटे हैं और घर पर हैं। अस्पताल में भी उनके साथ कोई परिजन नहीं था। ऐसे में पति के शव को अकेले घर ले जाना संभव नहीं था। वह शव वाहन मिलने की उम्मीद में इमरजेंसी के बाहर बैठी रहीं, लेकिन काफी देर तक कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। इस दौरान वहां मौजूद तीमारदारों ने भी अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जताई।
मामले की जानकारी होने पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय चौधरी मौके पर पहुंचे। तीमारदारों ने उन्हें महिला की परेशानी बताई। इसके बाद चालक की तलाश शुरू कराई गई। कर्मचारियों ने पूरे अस्पताल परिसर में उसे खोजा, लेकिन उसका मोबाइल फोन भी नहीं मिल रहा था। दूसरे चालक से वाहन भेजने की कोशिश हुई तो चाभी उपलब्ध नहीं थी। अधीक्षक ने अपने व्यक्तिगत खर्च से महिला को घर भेजने की व्यवस्था करने की बात कही। इसी बीच चालक मौके पर पहुंच गया और महिला को शव वाहन उपलब्ध कराया गया।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय चौधरी ने बताया कि शव वाहन पर पहले दो चालक तैनात थे, लेकिन वर्तमान में एक ही चालक कार्यरत है। उसे 24 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है। चालक से अनुपस्थित रहने का कारण पूछने पर उसने कचहरी जाने की बात बताई। महिला के पति के शव को शव वाहन से घर भिजवा दिया गया।