बसखारी अंबेडकर नगर। घरौनी बनाने में कुछ लेखपालो के द्वारा बरती गई अनियमितता लोगों पर भारी पड़ रही है। घरौनी बनाने में बरती गई अनियमितता लेन-देन का परिणाम भी बताईं जा रही है।घरौनी बितरण की शुरुआत जनवरी माह में ही शुरू कर दी गई थी। लेकिन कई गांव मे अभी तक घरौनी का कागज पूरी तरह वितरण नहीं हो पाया है। जो कुछ लेखपाल व कुछ प्रधानों की साज़िश का हिस्सा माना जा रहा है। चर्चा तो यह भी है कि कई गांव में लेखपालो ने घरौनी बनाने बहुत बड़ा खेल किया है। जिसमें घरौनी की गलत चौहद्दी, मकान का गलत नक्शा, वास्तविक कब्जे की नाप जोक में कमी, किसी की आबादी की जमीन को पैसे का लेनदेन कर किसी और के नाम दर्ज किया जाना आदि कई त्रुटियां शामिल है। इनका यह खेल उजागर ना हो इसके लिए इन लेखपालों ने अभी तक सभी को घरौनी का वितरण भी नहीं किया है। विकासखंड बसखारी के कई गांव में अभी तक बहुत से लोगों को घरौनी का कागज वितरण नहीं हो पाया है। जिसकी वजह आबादी की जमीन पर वास्तविक कब्जा और घरौनी के कागज में काफी अन्तर बताया जा रहा है। चर्चा तो यह भी है कि लेखपालों और प्रधानों ने मिली भगत करके आबादी की वास्तविक जमीन के कब्जेदारो की चौहद्दी, नक्शे व नाप जोख में फेर बदल करते हुए नए कब्जोदरो को लाभ पहुंचने का खेल किया है।सूत्रों की माने तो आबादी की जमीन कम होने के कारण लेखपालों के द्वारा पुराने आबादी के मालिकों की नाप जोख में कमी करके नये मकान बनाने वाले की बगैर जांच पड़ताल किए उनसे धन उगाही कर घरौनी का कागज बना दिया गया। जिससे वास्तविक आबादी धारकों को नुकसान पहुंच रहा है। वही इस संदर्भ में तहसीलदार निखिलेश कुमार ने बताया कि घरौनी वितरण करने के लिए सभी को निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं कोई शिकायत आती है तो त्रुटि सुधार का विकल्प आते ही उसे दुरुस्त किया जाएगा। और जानबूझकर गलती करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई भी कीजाएगी। इस संदर्भ में तहसील परिसर में शिकायतें दर्ज की जा रही हैं।