Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या रामनगरी में झूला मेले की शुरुआत, मणिपर्वत पर सिया-संग झूले श्रीराम

रामनगरी में झूला मेले की शुरुआत, मणिपर्वत पर सिया-संग झूले श्रीराम

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 छह जोन और 29 सेक्टरों में बंटी सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी


अयोध्या। सावन शुक्ल तृतीया पर रामनगरी अयोध्या में झूला मेले की शुरुआत हुई। परंपरागत झूलनोत्सव के तहत अयोध्या के प्रमुख मंदिरों से भगवान श्रीराम और माता सीता की शोभायात्राएं मणिपर्वत पहुंचीं। यहां विशेष रूप से तैयार किए गए झूलों पर श्रीराम और सीता को विराजमान कर झूला-झुलाया गया। इस दौरान भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय रहा।

दोपहर बाद कनक भवन, दशरथ महल, श्रीरामवल्लभाकुंज, हनुमत निवास, मणिराम दास छावनी समेत सैकड़ों मंदिरों से सजी-धजी पालकियों में भगवान के स्वरूपों की झांकियां निकाली गईं। मणिपर्वत परिसर में वृक्षों की डालियों पर झूले सजाए गए थे। आयोजन के दौरान हजारों श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद शोभायात्राएं अपने-अपने मंदिरों की ओर लौट गईं। करीब 1000 मंदिरों में 12 दिवसीय झूला उत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया है, जो 9 अगस्त तक चलेगा।


सुरक्षा के व्यापक इंतजाम


श्रद्धालुओं की भीड़ और आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र को 6 जोन और 29 सेक्टरों में बांटकर फोर्स की तैनाती की गई है। प्रत्येक जोन में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है।


मणिपर्वत की सुरक्षा व्यवस्था


मणिपर्वत पर 1 जोन और 5 सेक्टर बनाए गए हैं। यहां एक अपर पुलिस अधीक्षक, 6 सीओ, 7 एसओ, 15 निरीक्षक, 95 उप निरीक्षक, 250 आरक्षी, महिला पुलिसकर्मी, 2.5 कंपनी पीएसी और 1 कंपनी आरएएफ तैनात है।


समूचे मेले में तैनाती


पूरे झूला मेला क्षेत्र में 6 अपर पुलिस अधीक्षक, 21 क्षेत्राधिकारी, 55 निरीक्षक, 400 उप निरीक्षक, 1100 सिपाही, 50 महिला उप निरीक्षक, 170 महिला सिपाही, 10 कंपनी पीएसी, 1 कंपनी पीएसी बाढ़ राहत, 2 कंपनी आरएएफ, 1 टीम एसडीआरएफ और एटीएस की टीम तैनात की गई है।


धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व


मणिपर्वत झूला मेला अयोध्या की प्राचीन परंपरा और धार्मिक पहचान से जुड़ा है। मान्यता है कि इसी स्थान पर माता सीता सावन में झूला झूलती थीं। मणिपर्वत को संजीवनी पर्वत का अंश माना जाता है, जिसे हनुमान जी लंका से लौटते समय गिरा थे। सावन में झूले पड़ने की यह परंपरा अयोध्या में लोक आस्था से जुड़ी रही है।


श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के व्यापक इंतजाम


मेले के दौरान चिकित्सा, पेयजल, शौचालय और स्वच्छता की व्यवस्थाएं की गई हैं। भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू रूप से हो इसके लिए बैरिकेडिंग, मार्ग विभाजन और दिशा सूचक बोर्ड लगाए गए हैं।
एसएसपी अयोध्या डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में चौबीसों घंटे पुलिस बल तैनात रहेगा। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और निगरानी के लिए सभी आवश्यक उपाय लागू किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं।

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