अयोध्या। अयोध्या धाम की सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी से जुड़े संत समाज में उस समय तीखी हलचल मच गई, जब हनुमानगढ़ी के संत महेश दास योगी पर कथित जानलेवा हमले का मामला नया मोड़ लेता दिखा। इस प्रकरण को लेकर हनुमानगढ़ी से जुड़े संत महंतों और पंचों ने एकजुट होकर महेश दास योगी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बताया जा रहा है कि बीते दिनों महेश दास योगी ने आरोप लगाया था कि रात के समय अराजक तत्वों ने उनके आश्रम में आग लगाने का प्रयास किया। इस संबंध में उन्होंने हनुमानगढ़ी से जुड़े कुछ वरिष्ठ संतों के खिलाफ पुलिस को तहरीर भी दी थी। हालांकि, अब प्रेस वार्ता के दौरान उपस्थित हनुमानगढ़ी के संतों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है।
हनुमानगढ़ी के महंत संजय दास ने कहा कि महेश दास योगी हनुमानगढ़ी के सदस्य ही नहीं हैं। उन्होंने स्वयं को महंत संतोष दास का शिष्य बताया है, जबकि यह दावा तथ्यहीन है। संजय दास के अनुसार महेश दास योगी गलत तरीके से संत समाज को विवाद में घसीटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूरा मामला पुलिस और प्रशासन के संज्ञान में है तथा क्षेत्राधिकारी अयोध्या और थानाध्यक्ष रामजन्मभूमि मामले की विवेचना कर रहे हैं। सत्य शीघ्र ही सामने आएगा।
संतों ने कहा कि हनुमानगढ़ी को बदनाम करने की मंशा से की जा रही किसी भी बयानबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि इस प्रकार की गतिविधियां जारी रहीं तो संबंधित व्यक्ति को हनुमानगढ़ी परिसर से बाहर किए जाने पर भी विचार किया जाएगा।
संत समाज का कहना है कि इस पूरे प्रकरण से हनुमानगढ़ी की गरिमा और परंपराओं को ठेस पहुंची है। इस तरह के आरोप न केवल संत समाज में भ्रम फैलाते हैं, बल्कि सिद्ध पीठ की छवि को भी धूमिल करते हैं। फिलहाल मामला संत समाज में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है और आगे की कार्रवाई को लेकर सभी की निगाहें पंचायती निर्णय पर टिकी हैं।