Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या लावारिस मरीज को लेकर जिला अस्पताल की संवेदनहीनता उजागर

लावारिस मरीज को लेकर जिला अस्पताल की संवेदनहीनता उजागर

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◆ धरने और हंगामे के बाद हुआ भर्ती, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल


◆ वीडियो वायरल, यूजर बोले तय हो जवाबदेही


अयोध्या। जिला अस्पताल एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर कठघरे में है। मरीजों और तीमारदारों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतों के बीच अब एक लावारिस बीमार व्यक्ति के साथ कथित उपेक्षा का मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की मानवीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अयोध्या समाचार नहीं करता है।


इमरजेंसी में उपचार के बजाय सवाल-जवाब



बताया जा रहा है कि समाज सेवी एवं जिला पंचायत सदस्य प्रदीप यादव सड़क किनारे पड़े एक अज्ञात बीमार व्यक्ति को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद फार्मासिस्ट और एक नर्स ने तत्काल उपचार शुरू करने के बजाय सवाल-जवाब करना शुरू कर दिया। वीडियो में कथित तौर पर यह कहते सुना जा रहा है कि “लावारिस व्यक्ति को दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं ले जा रहे?” सवाल यह उठता है कि जब मरीज अस्पताल की दहलीज पर है तो प्राथमिक उपचार देना पहली जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए थी?


धरने के बाद हरकत में आया प्रशासन


इलाज में हो रही देरी से क्षुब्ध समाज सेवी इमरजेंसी के सामने धरने पर बैठ गए। हंगामे और पुलिस हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया, तब जाकर मरीज को भर्ती किया गया। यह स्थिति अपने आप में बताती है कि बिना दबाव के क्या गरीब और लावारिस मरीजों को उपचार मिल पाना संभव है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में यदि मानवीय संवेदनाएं ही समाप्त हो जाएं तो आमजन किस पर भरोसा करे। यह केवल एक मरीज की उपेक्षा नहीं, बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की असंवेदनशील तस्वीर है, जिस पर जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

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