अयोध्या। उन्नाव में राष्ट्रगान के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से संबंधित वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस द्वारा नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिए जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस बिना पूरे तथ्य जाने राजनीतिक विवाद खड़ा करने का प्रयास कर रही है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना स्वयं वायरल वीडियो को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट कर चुके हैं कि गार्ड ऑफ ऑनर और ऑडिटोरियम में चल रहा राष्ट्रगान दो अलग-अलग कार्यक्रम थे और राष्ट्रगान के दौरान वह ऑडिटोरियम में मौजूद नहीं थे।
महानगर अध्यक्ष कमलेशश्रीवास्तव ने कहा कि सोशल मीडिया पर अधूरी वीडियो क्लिप के आधार पर किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाना उचित नहीं है। राष्ट्रगान के सम्मान को लेकर भाजपा की प्रतिबद्धता किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो के आधार पर राजनीतिक निष्कर्ष निकालने से पहले उसके पूरे संदर्भ और घटनाक्रम को समझना जरूरी है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्वयं स्थिति स्पष्ट कर दी है। ऐसे में कांग्रेस को राष्ट्रगान जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक हथियार नही बनाना चाहिए। अधूरेवीडियोकेआधारपरआरोपलगाकरराजनीतिकरनाकांग्रेसकीहताशाकोदर्शाताहै।
मीडिया प्रभारी अमित मिश्र ने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान जैसे संवेदनशील विषयों को दलगत राजनीति से दूर रखना चाहिए। देश के राष्ट्रगान का सम्मान प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है, लेकिन किसी वायरल क्लिप को संदर्भ से काटकर विवाद खड़ा करना भी उचित नहीं है।
गौरतलब है कि उन्नाव के कार्यक्रम से संबंधित वायरल वीडियो पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने रविवार को सोशल मीडिया के माध्यम से सफाई दी थी। उन्होंने कहा कि उन्नाव में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के दौरान संयोगवश उसी समय प्रेक्षागृह के भीतर राष्ट्रगान शुरू हुआ, जबकि उस समय वह प्रेक्षागृह में मौजूद नहीं थे। उन्होंने वायरल वीडियो को भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किए जाने की बात कही और तथ्यों की जानकारी के बाद ही निष्कर्ष निकालने की अपील की।