अयोध्या। दसवें दीपोत्सव को भव्य और यादगार बनाने के लिए रामनगरी को सजाने-संवारने का काम तेज हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप अयोध्या को राममय स्वरूप देने के लिए शहर की दीवारों पर रामायण के प्रसंगों और धार्मिक कलाकृतियों का चित्रांकन कराया जा रहा है। नगर निगम की ओर से रामकथा पार्क से लता मंगेशकर चौक तक दीवारों को आकर्षक चित्रों से सजाया जा रहा है। इनमें भगवान श्रीराम, माता सीता और रामायण के प्रमुख प्रसंगों के साथ पारंपरिक दीपों की आकृतियां उकेरी जा रही हैं।
कलाकार रंगों और कूची के माध्यम से रामायण की गाथा को दीवारों पर जीवंत कर रहे हैं। दीपोत्सव के दौरान अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इन चित्रों के माध्यम से रामनगरी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। रात के समय रोशनी के बीच ये कलाकृतियां शहर की सुंदरता को और निखारेंगी।
दीवारों पर दीपोत्सव अयोध्या-2026 का संदेश देते हुए स्वागत संबंधी चित्रांकन भी कराया जा रहा है। नगर निगम का प्रयास है कि रामनगरी में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम की नगरी की गौरवशाली परंपराओं का अहसास हो। चित्रों के जरिए रामायण के प्रसंगों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ नई पीढ़ी को भी भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन दर्शन से परिचित कराने की पहल की जा रही है।
पूरीअयोध्याकोराममयबनानेकाप्रयास
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि दसवां दीपोत्सव अयोध्या के लिए विशेष महत्व रखता है। इसे भव्य और यादगार बनाने के साथ नगर निगम का प्रयास है कि पूरी अयोध्या राममय दिखाई दे। शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। रामकथा पार्क और लता मंगेशकर चौक के आसपास दीवारों पर भगवान श्रीराम से जुड़े प्रसंगों और पारंपरिक दीपों की कलाकृतियां बनवाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल दीवारों को सुंदर बनाना नहीं, बल्कि चित्रों के माध्यम से अयोध्या की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करना है। श्रद्धालुओं को रामनगरी के हर कोने में भगवान श्रीराम की मर्यादा, आदर्श और त्रेता युग की सांस्कृतिक झलक दिखाई दे, इसके लिए नगर निगम की टीमें लगातार काम कर रही हैं। दीपों की जगमगाहट, रामायणकालीन चित्रांकन और आकर्षक सजावट के साथ अयोध्या दसवें दीपोत्सव के स्वागत के लिए तैयार हो रही है।