Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या मुख्यमंत्री ने किया भगवान का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक, गगनभेदी नारों से गुंजायमान हुआ...

मुख्यमंत्री ने किया भगवान का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक, गगनभेदी नारों से गुंजायमान हुआ परिवेश

0

◆ मुख्यमंत्री ने भगवान के रथ को खींचकर आगे बढ़ाया, संतों ने भी उनका किया उनका सहयोग


◆ सिंहासन, रथ, अश्व और सुसज्जित राजसभा ने त्रेताकालीन रामराज्य की कराया रामभक्तों को अनुभूति


अयोध्या। रामकथा पार्क में प्रभु श्रीराम और माता सीता के अवतरण और राज्याभिषेक का भव्य दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया। जैसे ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम के रथ को खींचना शुरु किया पूरा पार्क जय श्रीराम के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। सीएम योगी के नेतृत्व में नवें दीपोत्सव में संतों ने राम दरबार पर पुष्प वर्षा की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने संतों का वस्त्र एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके पहले पुष्पक विमान उतरते ही श्रद्धालु जय श्री राम का उदघोष करते नजर आए।
पुष्पवर्षा और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच जब मुख्यमंत्री ने गुरु वशिष्ठ के साथ, भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न व हनुमान का पूजन और वंदन किया तो साक्षात त्रेता युग का आभास हुआ। स्वर्ण सिंहासन, रथ, अश्व और सुसज्जित राजसभा ने त्रेताकालीन रामराज्य को सजीव कर दिया। सीएम योगी ने सबसे पहले राम, लक्ष्मण, मां सीता और हनुमान जी को माला पहनाई। आगे आगे राम, उनके पीछे माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान रथ पर सवार हुए। मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं रथ को खींचकर आगे बढ़ाया, संतों ने भी उनका सहयोग किया। इसके बाद श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान सीएम योगी के साथ साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम की आरती की, फिर प्रतीकात्मक राज्याभिषेक कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जयवीर सिंह और राकेश सचान ने मंच पर पहुंचकर राम दरबार का पूजन और अर्चन किया। इस दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के साथ संत, महंत, जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।


भरत मिलाप का दृश्य बना भावविह्वल क्षण


कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक पल तब आया जब भरत मिलाप का मंचन हुआ। चरणों में गिरते ही श्रीराम ने भरत को गले लगा लिया। क्षण भर को सभी श्रद्धालु स्तब्ध रह गए और फिर जय श्रीराम के जयकारों से पूरा सरयू तट भक्ति से सराबोर हो गया। श्रद्धालु भावविह्वल होकर नयनों से आंसुओं की धार बहाते दिखे। ऐसा लगा मानो रामायण का दृश्य प्रत्यक्ष हो उठा हो।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version