अयोध्या। संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के प्रदर्शन के बाद अयोध्या में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। संत समाज के विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पवन पांडे ने प्रेसवार्ता कर पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान भगवान श्रीराम का चित्र जमीन पर गिरने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अयोध्या की जनता से माफी मांगी और कहा कि पप्पू यादव को भी इस मामले में क्षमा मांगनी चाहिए।
पवन पांडे ने कहा कि पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र धारण करना राम मंदिर के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज के संदर्भ में था। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान अनजाने में भगवान श्रीराम का चित्र जमीन पर गिर गया, जो नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वह इस घटना के लिए अयोध्या की जनता से क्षमा मांगते हैं और पप्पू यादव को भी अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगनी चाहिए।
पूर्व मंत्री ने संतों के विरोध प्रदर्शन के दौरान फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर कालिख पोतने और जूते मारने की घटना की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि के पोस्टर के साथ इस प्रकार का व्यवहार लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उनके अनुसार यह घटना अयोध्या-फैजाबाद की जनता के साथ-साथ देशवासियों का भी अपमान है और संत समाज को इस तरह की कार्रवाई से बचना चाहिए था।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए पवन पांडे ने कहा कि पूरे मामले में भाजपा की भूमिका संदिग्ध दिखाई देती है। उनका आरोप था कि कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित रखी गई है, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पूर्व महासचिव चंपत राय आज भी परोक्ष रूप से मंदिर प्रबंधन के निर्णयों को प्रभावित कर रहे हैं और महत्वपूर्ण फैसले उनकी इच्छा के अनुरूप लिए जा रहे हैं। पवन पांडे ने सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की।
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर लगातार सामने आ रही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच अयोध्या का सियासी माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और संत समाज की ओर से लगातार बयानबाजी जारी है।