अयोध्या। अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराज जैन ने अपने कार्यालय कक्ष में सम्पत्ति अनुभाग एवं प्रवर्तन अनुभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में सचिव, विशेष कार्याधिकारी, अधिशासी अभियन्ता सहित प्रवर्तन व सम्पत्ति से जुड़े अवर अभियन्ता तथा सम्बन्धित लिपिक उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान उपाध्यक्ष ने प्रवर्तन अनुभाग के अभियन्ताओं को अपने-अपने सेक्टर/जोन का नियमित भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग या अवैध निर्माण नहीं होना चाहिए। सभी प्रवर्तन अभियन्ताओं को 15 दिवस के भीतर शमन योग्य तथा अशमन योग्य पत्रावलियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। चेतावनी दी गई कि यदि किसी अभियन्ता के क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग या निर्माण पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उपाध्यक्ष ने यह भी निर्देशित किया कि यदि कोई अवैध निर्माणकर्ता नोटिस के बाद भी निर्माण कार्य नहीं रोकता है तो तत्काल सीलिंग की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सम्पत्ति अनुभाग की समीक्षा में उपस्थित अधिकारियों व लिपिकों को प्राधिकरण द्वारा विकसित सभी आवासीय व व्यवसायिक योजनाओं की स्थिति की रिपोर्ट 15 दिवस में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसमें यह विवरण शामिल होगा कि कितने भवन/भूखण्ड आवंटित हैं, कितने रिक्त हैं, कितनी रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं तथा कितने आवंटियों की किश्तें शेष हैं। उपाध्यक्ष ने 15 दिवस बाद पुनः प्रवर्तन एवं सम्पत्ति अनुभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए, ताकि प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक आगे की कार्रवाई की जा सके।