◆ श्रृंगी ऋषि आश्रम से पहुंचेगा राखी का रक्षासूत्र, मधुबनी कला में सजी राखियों से होगा ऐतिहासिक पूजन
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में इस बार रक्षाबंधन का पर्व ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दोनों ही रूपों में विशेष बन गया है। प्रभुश्रीरामकेभव्यमंदिरमेंप्राणप्रतिष्ठाकेबादयहपहलारक्षाबंधनहोगा, जिसमें भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न की कलाई पर उनकीबड़ीबहनदेवीशांताकीओरसेराखीबांधीजाएगी।
ये राखियां कोई सामान्य नहीं, बल्कि मधुबनीशैलीमेंजरी, मोतियोंऔरआध्यात्मिकतत्वोंसेसजाईगईंइकोफ्रेंडलीराखियां हैं, जिन्हें ‘जूट फॉर लाइफ’ संस्था की महिला कारीगरों ने विशेष रूप से तैयार किया है। प्राकृतिकतत्वोंसेबनीयेराखियांप्रेम, भक्तिऔरभारतीयपरंपराकाप्रतीकहैं।
इस पावन अवसर पर 6वांश्रीरामललारक्षाबंधनमहोत्सव भी मनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत 6 अगस्तसेतीनदिवसीयपूजन–अर्चनऔरसांस्कृतिकआयोजनों से होगी। 8 अगस्तकोश्रीश्रृंगीऋषिआश्रमसेशोभायात्रानिकालीजाएगी, जो कारसेवकपुरम् पहुंचकर मंदिर ट्रस्ट को राखी, फल और मिष्ठान्न भेंट करेगी।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रृंगीऋषिवहीहैंजिनकेपुत्रेष्टियज्ञसेश्रीरामकाजन्महुआथा, और उनका विवाह राजादशरथकीपुत्रीदेवीशांता से हुआ था। इसलिए देवी शांता की ओर से हर वर्ष प्रभु श्रीराम को यह रक्षासूत्रउनकेद्वाराअयोध्याभेजाजाताहै।
इसबारकीराखीइसलिएभीविशेषहैक्योंकियहश्रीरामदरबारऔरबालकरामललादोनोंकेलिएअलग–अलगशैलीमेंबनीहै, जो मंदिर के गर्भगृह में विधिपूर्वक पूजन के बाद बांधी जाएंगी।
मीडियाप्रभारीअनुरागसिंह ने बताया कि यह आयोजन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भारतीयसंस्कृति, भाई–बहनकेप्रेमऔरपर्यावरणसंरक्षणकाजीवंतउदाहरणहै।