अयोध्या। मंडलायुक्त एवं अयोध्या विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को अयोध्या विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की शुरुआत पूर्व बोर्ड बैठक की अनुपालन आख्या के अवलोकन से की गई। इसके पश्चात अयोध्या महायोजना-2031 में शासन द्वारा उठाई गई आपत्तियों के निराकरण के संबंध में प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखा गया, जिस पर विस्तृत चर्चा के बाद निर्णय लिया गया। माझा जमथरा क्षेत्र में प्रस्तावित वैदिक वेलनेस सेंटर एवं ‘म्यूजियम ऑफ इंडियन टेम्पल’ की स्थापना के लिए शासन की आपत्तियों का समाधान करते हुए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।
बोर्ड बैठक में उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 में किए गए संशोधनों से संबंधित 21 नवंबर 2025 के शासनादेश को अंगीकृत किया गया। इसके साथ ही विकास प्राधिकरणों एवं आवास विकास परिषद की कास्टिंग के लिए शासन द्वारा जारी 25 दिसंबर 2025 की आदर्श गाइडलाइन को भी स्वीकृति दी गई।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में कुछ मदों के पुनर्विनियोग के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त बोर्ड एवं अध्यक्ष की अनुमति से शासन द्वारा विकास शुल्क के लिए 2 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश के अनुसार अयोध्या में 755 रुपये प्रति वर्ग मीटर की निर्धारित दर से विकास शुल्क लिए जाने के प्रस्ताव को भी अंगीकृत किया गया।
बैठक में महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, जिलाधिकारी निखिल टी० फुण्डे, उपाध्यक्ष, अयोध्या विकास प्राधिकरण अनुराज जैन, हेम सिंह सचिव, अयोध्या विकास प्राधिकरण, अधिशासी अभियन्ता, सरयू नहर खण्ड अयोध्या, सिटी मजिस्ट्रेट गोण्डा, सहयुक्त नियोजक, अयोध्या, गजेन्द्र सिंह ए०डी० अयोध्या, शासन द्वारा नामित सदस्य कमलेश श्रीवास्तव, परमानन्द मिश्र सहित अन्य लोगों की मौजूदगी रही।