अयोध्या। कबीर मठ जियनपुर, महोबरा बाजार अयोध्या धाम में सोमवार को सद्गुरु कबीर साहेब की 629वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। जयंती महोत्सव का आयोजन श्रीकबीर धर्म मंदिर सेवा समिति जियनपुर के तत्वावधान में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के संयोजक एवं समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष आचार्य महंत उमाशंकर दास ने कहा कि कबीर साहेब का जन्मोत्सव ‘प्रगट दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब के जन्म को लेकर कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है। मान्यता है कि वह लहरतारा तालाब में कमल पुष्प पर प्रगट हुए थे, जिनका पालन-पोषण नीमा और नीरू नामक जुलाहा दंपत्ति ने किया। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब ने जीवनभर पाखंड, आडंबर और सामाजिक कुरीतियों का विरोध करते हुए मानवता, प्रेम और समानता का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि मगहर में कबीर साहेब का मंदिर और समाधि दोनों स्थित हैं, जो उनकी सर्वधर्म समभाव की भावना का प्रतीक है। हिंदू जहां मंदिर में श्रद्धा अर्पित करते हैं, वहीं मुस्लिम समुदाय समाधि पर चादर चढ़ाता है। उनका सम्पूर्ण जीवन मानवता की सेवा और सामाजिक समरसता के लिए समर्पित रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्वांचल विकास बोर्ड के निवर्तमान सदस्य बौद्ध अरविंद सिंह पटेल ने कहा कि संत शिरोमणि कबीर साहेब ने पूरी दुनिया को प्रेम, भाईचारे और मानव एकता का संदेश दिया। वहीं कासु साकेत महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रामचंद्र वर्मा ने कहा कि कबीर साहेब की वाणी आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रही है और जहां कहीं भी अन्याय, पीड़ा और संघर्ष दिखाई देता है, वहां कबीर के विचार प्रासंगिक हो उठते हैं।
कार्यक्रम में कबीर विज्ञान आश्रम महोबरा भीटा के महंत केशव साहेब का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर महंत सनत कुमार दास, महंत तेजपाल दास, महंत विवेक ब्रह्मचारी, संत राधेश्याम दास, रामप्रकाश साहेब, संत निर्भय दास, संत आंधी दास, संत प्रजापति दास, संत रवींद्र दास, संत संतोष साहेब, साहिबी तुलसी, डॉ. अजय सिंह, पार्षद सर्वजीत यादव, प्राचार्य निर्मल वर्मा, डॉ. गंगाराम, मुलायम यादव, रामअभिलाख वर्मा, अमरनाथ वर्मा, रामजनम वर्मा, डॉ. अजीत यादव, अमिताभ श्रीवास्तव, विष्णु यादव, राकेश वर्मा, मनसुख भाई पटेल, वीरेंद्र मौर्य सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।