◆ रामकथा संग्रहालय की 20 गैलरियों के लिए 10 अक्टूबर से टेंडर, छह माह में पूरा होगा काम
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भवन निर्माण समिति का फोकस निर्माण से जुड़ी कंपनियों के अंतिम भुगतान, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के विकास पर है। भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने रामकथा संग्रहालय में लगातार तीसरे दिन चल रही बैठक से पहले यह जानकारी दी।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। पिछले दो दिनों में हुई विस्तृत बैठकों में मुख्य रूप से एलएंडटी और टाटा सहित निर्माण कार्य में लगी कंपनियों के अंतिम भुगतान से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
अंतिम भुगतान से पहले बैंक गारंटी और थर्ड पार्टी ऑडिट
उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों के दौरान निर्माण कार्य के साथ कंपनियों को रनिंग पेमेंट किया जाता रहा है। अब अंतिम भुगतान और फाइनल सेटलमेंट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार अंतिम भुगतान से पहले संबंधित कंपनियों को परफॉर्मेंस बैंक गारंटी देनी होगी, जिससे आने वाले वर्षों में भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि अंतिम बिलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराया जा रहा है। पीएमसी के रूप में टाटा के अलावा इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को करीब 60 से 70 प्रतिशत अंतिम बिलों के ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए दो माह का समय निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर के बाहर निर्माणाधीन ऑडिटोरियम के काम में करीब तीन से चार महीने का विलंब हुआ है। इसके बावजूद जनवरी-फरवरी तक इसके पूरा होने की उम्मीद है।
10 अक्टूबर से रामकथा संग्रहालय की 20 गैलरियों के लिए टेंड
भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि अब समिति का प्रमुख ध्यान अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के विकास पर है। संग्रहालय में प्रस्तावित 20 गैलरियों की स्टोरी लाइन को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इन गैलरियों के निर्माण और तकनीकी कार्यों के लिए 10 अक्टूबर से टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक गैलरी का विषय पहले ही तय किया जा चुका है। संग्रहालय के निदेशक संजीव कुमार सिंह ने पूरी स्टोरी लाइन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गैलरियों में इमर्सिव टेक्नोलॉजी, 3डी और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। टेंडर में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों से जुड़े कार्य शामिल होंगे। अनुमान है कि अक्टूबर के अंत तक टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद गैलरियों को विकसित करने में करीब छह माह का समय लगेगा।
500 वर्षों के संघर्ष और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर भी होंगी गैलरियां
रामकथा संग्रहालय में भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र के साथ राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या से जुड़े पुरातात्विक साक्ष्यों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। प्रस्तावित गैलरियों में एक गैलरी पिछले करीब 500 वर्षों के राम मंदिर आंदोलन, न्यायालय की भूमिका और कानूनी संघर्ष पर केंद्रित होगी। इसके लिए विभिन्न अदालतों और संबंधित स्थानों से आवश्यक अभिलेख जुटाए जा रहे हैं।
एक अन्य प्रमुख गैलरी अयोध्या में हुई खुदाई से प्राप्त वस्तुओं और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित होगी। नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि इसका उद्देश्य उपलब्ध पुरातात्विक सामग्री के माध्यम से अयोध्या के इतिहास को वैज्ञानिक आधार पर प्रस्तुत करना है।
उन्होंने बताया कि विज्ञान मंत्रालय द्वारा तैयार कराई गई भगवान हनुमान से संबंधित गैलरी का काम पूरा हो चुका है, जबकि संग्रहालय की अन्य गैलरियों पर भी तेजी से काम आगे बढ़ रहा है।