◆ आंगनबाड़ी में नियुक्ति को लेकर समाधान दिवस में हुआ खुलासा, एसडीएम के निर्देश पर कार्रवाई
जलालपुर, अम्बेडकरनगर। गौरा महमदपुर निवासी एक महिला के नाम पर एक सप्ताह के भीतर दो अलग-अलग वार्षिक आय प्रमाणपत्र जारी होने और उसी आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री पद पर नियुक्ति पाने के मामले ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। समाधान दिवस में शिकायत मिलने के बाद एसडीएम पवन जायसवाल के आदेश पर पुलिस ने जनसेवा केंद्र संचालक टीपी यादव को हिरासत में ले लिया है। वहीं, विभागीय जांच भी जारी है।
शनिवार को तहसील समाधान दिवस में शिकायतकर्ता सुभाष चंद्र ने मामले को उठाते हुए बताया कि सुषमा पाठक पत्नी अभिषेक उपाध्याय, निवासी गौरा महमदपुर के नाम से 6 जनवरी को एक आय प्रमाणपत्र जारी किया गया था, जिसमें उसकी वार्षिक आय ₹48,000 दर्शाई गई। चौंकाने वाली बात यह रही कि महज चार दिन बाद, उसी महिला के नाम दूसरा आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया, जिसमें आय ₹42,000 दर्शाई गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इसी कम आय को आधार बनाकर सुषमा पाठक ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर नियुक्ति प्राप्त की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने संबंधित लेखपाल से जवाब तलब किया, जिस पर लेखपाल ने जनसेवा केंद्र संचालक पर प्रमाणपत्र में हेरफेर का आरोप लगाया। इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने संचालक टीपी यादव को हिरासत में ले लिया।
इधर, लेखपाल की गलती मानने से इनकार करते हुए अधिवक्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर जनसेवा संचालक की गिरफ्तारी का विरोध जताया। इस पूरे मामले को लेकर उपजिलाधिकारी पवन जायसवाल ने बताया कि लेखपाल को मामले में विधिवत तहरीर देने का निर्देश दे दिया गया है, और जांच के उपरांत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता, विभागीय निगरानी व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।