अयोध्या। अनुसूचित जाति के युवाओं और उद्यमियों के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम-अजय योजना के अंतर्गत स्वरोजगार का सुनहरा अवसर उपलब्ध कराया गया है। योजना के ग्रांट-इन-एड घटक के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जाति के व्यक्ति कम से कम तीन सदस्यों का समूह या कलस्टर बनाकर अपनी स्वरोजगार इकाई स्थापित कर सकते हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.पी. सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को उनके चयनित व्यवसाय के अनुसार निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रति व्यक्ति अधिकतम 50 हजार रुपये अथवा परियोजना लागत का 50 प्रतिशत (जो कम हो) सरकारी अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा। परियोजना लागत का पांच प्रतिशत लाभार्थी अंशदान होगा, जबकि शेष धनराशि बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना के लिए उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। जनपद स्तर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) पदेन जिला प्रबंधक के रूप में योजना के नोडल अधिकारी होंगे।
योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति के 18 से 50 वर्ष आयु के साक्षर महिला एवं पुरुष पात्र होंगे। आवेदक पूर्व में किसी सरकारी योजना में बकायेदार या दिवालिया घोषित न हो। आय सीमा की कोई बाध्यता नहीं है, हालांकि 2.50 लाख रुपये वार्षिक आय तक के आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। लाभार्थी का जनपद का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
योजना के तहत बुटीक, ब्यूटी पार्लर, किराना दुकान, जनरल स्टोर, ऑटो व ई-रिक्शा, मुर्गी पालन, डेयरी, वर्मी कंपोस्टिंग, बकरी पालन, महिला गृह उद्योग, हार्डवेयर, मॉड्यूलर फर्नीचर, जन सुविधा केंद्र सहित अन्य प्रासंगिक क्षेत्रों में परियोजनाएं स्थापित की जा सकती हैं।
इच्छुक अभ्यर्थी योजना से संबंधित जानकारी और आवेदन के लिए निगम की वेबसाइट upscfdc.in अथवा grant-in-aid-upsfdc.in पर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अभ्यर्थी अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेजों के साथ 10 अगस्त 2026 तक जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) कार्यालय, विकास भवन, अयोध्या में आवेदन जमा कर सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) कार्यालय या संबंधित विकास खंड के सहायक/ग्राम विकास अधिकारी से किसी भी कार्य दिवस में संपर्क किया जा सकता है।