Tuesday, July 14, 2026
HomeAyodhya/Ambedkar Nagarअयोध्याबाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी, 14 शरणालय और 10 बाढ़ चौकियां...

बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी, 14 शरणालय और 10 बाढ़ चौकियां सक्रिय


◆  18 संवेदनशील गांवों के लिए प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम, 150 नावें और मेडिकल टीमें रहेंगी तैयार


अयोध्या। जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए शरणालय, बाढ़ चौकियां, नावें, चिकित्सा टीमें और कंट्रोल रूम सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सक्रिय कर दी गई हैं।

जिले की सदर, रुदौली और सोहावल तहसील के कुल 18 गांव बाढ़ प्रभावित श्रेणी में चिन्हित हैं। इन क्षेत्रों के लिए 14 बाढ़ शरणालय और 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। जल पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 150 नावों को चिह्नित किया है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और लंच पैकेट उपलब्ध कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।

पिछले वर्ष जिले के 14 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए थे। प्रशासन के अनुसार इस वर्ष बाढ़ का प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है, फिर भी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सोहावल तहसील का माझा कला गांव, रुदौली तहसील का कैथी माझा तथा सदर तहसील के पूराबाजार के निचले इलाके अधिक संवेदनशील माने गए हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से 37 चिकित्सा टीमों तथा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से 21 पशु चिकित्सा टीमों की तैनाती की तैयारी की गई है। ये टीमें आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और पशुओं के उपचार की व्यवस्था करेंगी।

प्रशासन ने बाढ़ चौकियों पर राजस्व कर्मियों और लेखपालों की तैनाती की है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सूचना एवं समन्वय के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित रहेगा। राहत एवं बचाव कार्यों में आवश्यकतानुसार होमगार्ड और अन्य विभागों के कर्मियों को भी लगाया जाएगा।

बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण करने के लिए 5 जून को सदर, रुदौली और सोहावल तहसीलों में मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी। सोहावल के आदर्श बाढ़ शरणालय में राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। इस दौरान आठ घंटे के भीतर प्रभावित गांवों को खाली कराने की क्षमता का परीक्षण भी किया गया। सदर तहसील में मुनादी कराकर लोगों को बाढ़ के दौरान सुरक्षित स्थानों पर जाने के प्रति जागरूक किया गया।

जिला आपदा विशेषज्ञ अधिकारी यथार्थ तिवारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाढ़ शरणालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रखने की व्यवस्था की गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments