अयोध्या। चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण से प्रभावित परिवारों का मामला अब मुआवजे की बातचीत से निकलकर सियासी बयानबाजी के रास्ते पर पहुंच गया है। प्रभावित परिवार जहां जिलाधिकारी कार्यालय में अधिकारियों के साथ मुआवजे की रकम और समाधान को लेकर बातचीत कर रहे हैं, वहीं इस मुद्दे को लेकर सपा और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने सपा सांसद अवधेश प्रसाद और पूर्व मंत्री पवन पांडेय पर निशाना साधते हुए कहा कि “जो वास्तविक प्रभावित हैं, वे अधिकारियों के साथ बैठकर अपने मुआवजे की बात कर रहे हैं। दूसरी ओर फर्जी प्रभावितों को लेकर पवन पांडेय अखिलेश यादव को खुश करने लखनऊ गए हैं और अवधेश प्रसाद बिना प्रभावित परिवारों के स्थल पर धरना दे रहे हैं। यह सिर्फ नाटक है।”
श्रीवास्तव के बयान में सियासत का एक दिलचस्प चित्र भी सामने आया। एक तरफ प्रभावितों की ‘मुआवजा वार्ता’ जिलाधिकारी कार्यालय में चल रही है तो दूसरी तरफ नेताओं की ‘राजनीतिक परिक्रमा’ अपने-अपने गंतव्य की ओर जारी है। भाजपा का कहना है कि वास्तविक प्रभावित समाधान की मेज पर हैं, जबकि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने में जुटा है।
महानगर अध्यक्ष ने कहा कि चौड़ीकरण से प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए कराया जा रहा है। प्रशासन के साथ लगातार संवाद हो रहा है और मुआवजे को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। ऐसे में राजनीतिक मंच तैयार करने के बजाय वास्तविक प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने सपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि प्रभावितों को मुआवजा दिलाने की लड़ाई में कौन जमीन पर है और कौन लखनऊ की राह पर, यह जनता खुद देख रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन का प्रयास प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिलाकर मामले का समाधान निकालना है।