अयोध्या। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत कार्यक्रम को लेकर जहां पार्टी के भीतर उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल रहा, वहीं सोशल मीडिया पर यह आयोजन सियासी बहस का विषय बना रहा। मंगलवार को दिन भर विपक्षी दलों के नेताओं और समर्थकों ने स्वागत व्यवस्था को लेकर तीखी आलोचनाएं कीं, जबकि सत्ता पक्ष के लोगों ने इसे ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताया।
विपक्ष की ओर से सोशल मीडिया पर अलग-अलग पोस्ट वायरल होती रहीं। कहीं स्वागत के दौरान होर्डिंग से टूटी लाइट की तस्वीरें साझा की गईं तो कहीं जाम से कराहती अयोध्या की जनता को लेकर सवाल उठाए गए। ई-रिक्शों से झंडे ले जाने के दौरान कुछ लोगों और वाहनों पर खरोंच लगने की घटनाओं को भी प्रमुखता से पोस्ट किया गया, जो सोशल मीडिया पर दिन भर ट्रेंड करता रहा। इन पोस्टों के जरिए विपक्ष ने अव्यवस्था और आमजन की परेशानी को मुद्दा बनाने की कोशिश की।
इसके उलट सत्ता पक्ष और भाजपा समर्थकों ने स्वागत कार्यक्रम को संगठन की शक्ति का प्रदर्शन बताया। पार्टी कार्यालय सहादतगंज से लेकर प्रमुख चौराहों तक हुए स्वागत की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर साझा किए गए। सत्ता पक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच अपने-अपने पसंदीदा नेताओं के स्वागत स्थल पर अधिक भीड़ और बेहतर आयोजन दिखाने की होड़ भी देखने को मिली। कुल मिलाकर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत कार्यक्रम न केवल राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखे सियासी संघर्ष का मंच भी बन गया।