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महिला अस्पताल में शॉर्ट सर्किट से मचा हड़कंप, कर्मचारियों की सक्रियता से टला बड़ा हादसा

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◆ सुबह करीब साढ़े दस बजे लगी आग, अस्पताल में मची अफरातफरी


◆ अस्पताल के कर्मचारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर से बुझाई आग


अयोध्या। जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई जब तीसरी मंजिल की गैलरी के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। देखते ही देखते तीसरी मंजिल धुएं से भर गई। इसी फ्लोर पर संचालित सर्जिकल वार्ड में ज्यादातर बेड पर मरीज भर्ती थे। धुआं फैलते ही वार्ड में अफरातफरी मच गई और महिलाएं अपने मासूम बच्चों को गोद में उठाकर बाहर की ओर भागने लगीं।
हालात गंभीर होते देख अस्पताल के कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाल लिया। महिला अस्पताल के स्टाफ ने फायर एक्सटिंग्विशर लेकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान रिकाबगंज चौकी प्रभारी चंद्रमोहन शुक्ला अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों ने भी अस्पताल स्टाफ के साथ मिलकर राहत कार्य संभाल लिया। सर्जिकल वार्ड में भर्ती महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना सबसे बड़ी चुनौती थी। धुएं के बीच अस्पताल कर्मियों ने एक-एक मरीज को बाहर निकाला। कई कर्मचारी नवजात शिशुओं को गोद में लेकर सीढ़ियों से नीचे उतरते दिखाई दिए। हालात को देखते हुए पूरे अस्पताल को खाली कराने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद गर्भवती महिलाएं और प्रसूताएं अपने बच्चों के साथ अस्पताल परिसर के बाहर पहुंचीं। मरीजों को तत्काल बगल स्थित पुराने भवन में शिफ्ट कराया गया। महिला अस्पताल की टीमें लगातार मरीजों के पास पहुंचकर उनका हालचाल लेती रहीं। इसके साथ में भर्ती मरीजों की सूची लेकर उनके बारें मेें टीमों ने पूछताछ भी किया। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. विभा कुमारी ने भी पूरे राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की।
सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। तब तक अस्पताल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया था। फायर ब्रिगेड ने स्थिति पूरी तरह नियंत्रित कर ली। आग फैलने से रोकने के लिए तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। राहत की बात यह रही कि पूरे घटनाक्रम में किसी मरीज या कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही सीएमओ डॉ. देवेन्द्र कुमार भिटौरिया स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल कर्मचारियों ने 19 फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल कर आग पर शुरुआती स्तर पर ही काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि पूरे विद्युत सिस्टम की दोबारा जांच कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि 8 मई को फायर ब्रिगेड की ओर से अस्पताल कर्मचारियों को आग से बचाव और नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया गया था। उसी प्रशिक्षण का परिणाम रहा कि कर्मचारी घबराने के बजाय तुरंत सक्रिय हुए और समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया।

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