अयोध्या। रामनगरी में जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पलिया शाहबदी तालाब का व्यापक विकास कार्य कराया जा रहा है। अमृत मिशन योजना के अंतर्गत 2.16 करोड़ रुपये की लागत से संचालित इस परियोजना के माध्यम से तालाब को आधुनिक सुविधाओं से युक्त जनसुविधा एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
नगर निगम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जल स्रोतों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में पलिया शाहबदी तालाब के पुनर्विकास का कार्य तेजी से चल रहा है। मार्च 2024 में शुरू हुई परियोजना में अब तक लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।
परियोजना के तहत तालाब परिसर में घाट निर्माण, टाइल्स युक्त पाथवे, उद्यान विकास, पौधरोपण, प्रवेश द्वार, पेयजल सुविधा और शौचालय ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा सुरक्षा के दृष्टिकोण से बार्डरी वॉल, फेंसिंग, रेलिंग, स्टोन पिचिंग तथा रिटेनिंग वॉल भी बनाई जा रही है। परिसर को आकर्षक बनाने के लिए आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, पाथवे लाइट और हाईमास्ट लाइटें भी स्थापित की जाएंगी।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि रिटेनिंग वॉल और ड्रेनेज व्यवस्था से तालाब क्षेत्र को जलभराव और कटान जैसी समस्याओं से सुरक्षा मिलेगी। साथ ही जल संचयन क्षमता बढ़ने से पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है और इसकी नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
पर्यटनऔरजनसुविधाओंकानयाकेंद्रबनेगातालाब
विकास कार्य पूर्ण होने के बाद पलिया शाहबदी तालाब क्षेत्र में भ्रमण, विश्राम और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। घाट और उद्यान विकसित होने से यह स्थल स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षक बनेगा।
स्थानीयकारोबारकोमिलेगाबढ़ावा
नगर निगम का मानना है कि तालाब के सौंदर्यीकरण और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से आसपास के दुकानदारों, छोटे व्यवसायियों और स्थानीय सेवा प्रदाताओं को आर्थिक लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
जलसंरक्षणकेसाथहरितवातावरणपरजोर
परियोजना में बड़े पैमाने पर पौधरोपण और हरित क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। इससे न केवल तालाब की पारिस्थितिकी मजबूत होगी बल्कि शहरवासियों को स्वच्छ और हरित वातावरण भी उपलब्ध हो सकेगा।