अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षक भर्ती में शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य बनाए जाने के फैसले के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस निर्णय पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस फैसले से देश के करीब बीस लाख शिक्षक व उनके परिवार प्रभावित हो सकते हैं।
सांसद ने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि वे तत्काल प्रभाव से इस मुद्दे पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करें और अदालत में सही तरीके से पैरवी करें। उनका कहना था कि लाखों युवा पहले से ही शिक्षक भर्ती की तैयारियों में जुटे हैं और कई ने बीएड, डीएलएड जैसे प्रशिक्षण कोर्स पूरे कर लिए हैं। ऐसे में अचानक टीईटी को अनिवार्य करना उनके भविष्य के साथ अन्याय है।
अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में सही से पक्ष नहीं रख पाई, जिसके चलते यह स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो लाखों युवा सड़कों पर उतर सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ना तय है।
उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में बार-बार बदलाव से योग्य अभ्यर्थियों के सपनों पर ताला लग रहा है। सांसद ने भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे और युवाओं की आवाज बनकर केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आदेश दिया है कि शिक्षक बने रहने के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य होगा।