अंबेडकर नगर। बरियावन-किछौछा मार्ग पर बीते 20 सितंबर की रात जेसीबी से दुकानों और मकानों को दबंगों द्वारा ध्वस्त किए जाने के मामले में बुधवार को प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ितों की समस्याएं सुनीं और शासन-प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रकरण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में लाया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में मामले की जांच और कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना में जिन लोगों का कारोबार और आजीविका प्रभावित हुई है, उन्हें दोबारा स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा योजना) के तहत ब्याजमुक्त ऋण दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा 10 प्रतिशत अनुदान सहित अन्य संभव सहायता उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिया।
मंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना में शामिल लोगों के साथ ही यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं का प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कई पुलिसकर्मियों और लेखपाल पर कार्रवाई
मामले में प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर लापरवाही के आरोप में अकबरपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह को निलंबित किया जा चुका है। उनके साथ हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक अजय कुमार, बीट हेड कांस्टेबल संतोष कुमार पांडेय और कांस्टेबल उपेंद्र यादव को भी निलंबित किया गया है। संबंधित लेखपाल रोहित लाल के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। सभी के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि घटना में शामिल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराकर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान जिलाधिकारी ईशा प्रिया, पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह, मुख्य विकास अधिकारी वैभव मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योत्स्ना बंधु, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी अकबरपुर प्रतीक्षा सिंह समेत पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।