अम्बेडकर नगर। पुलिस ने मानव तस्करी के एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से शादी का झांसा देकर राजस्थान ले जाई जा रही एक अपहृत युवती को सकुशल बरामद किया है। आरोपित आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय परिवारों की युवतियों को निशाना बनाकर फर्जी शादी कराते थे और बाद में उन्हें राजस्थान व हरियाणा ले जाकर देह व्यापार में धकेल देते थे।
पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी हरेंद्र कुमार तथा क्षेत्राधिकारी नगर नितीश कुमार तिवारी के पर्यवेक्षण में कोतवाली अकबरपुर पुलिस, एएचटी यूनिट, स्वाट और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग एक युवती को शादी का झांसा देकर बसखारी मार्ग स्थित खिद्दिरपुर में टाटा मोटर्स के पास से राजस्थान ले जाने की तैयारी में हैं। सूचना पर घेराबंदी कर पुलिस ने मौके से सात लोगों को गिरफ्तार कर युवती को मुक्त करा लिया।
गिरफ्तार आरोपितों में राजस्थान के पाली व सिरोही जनपद के चार, आजमगढ़ का एक तथा अम्बेडकरनगर और राजस्थान की दो महिलाएं शामिल हैं। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उनका गिरोह गरीब, अनाथ और असहाय परिवारों की युवतियों को अच्छे घर में विवाह का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद उनके नाम बदलकर फर्जी पहचान पत्र तैयार किए जाते और गिरोह के सदस्य ही दूल्हा, बाराती व रिश्तेदार बनकर नकली विवाह कराते थे।
पुलिस के अनुसार विवाह के बाद युवती को विदाई के बहाने राजस्थान और हरियाणा ले जाया जाता था। यात्रा के दौरान गिरोह की महिला सदस्य साथ रहती थी ताकि किसी को संदेह न हो। वहां पहुंचने के बाद युवतियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध देह व्यापार में धकेल दिया जाता था और उनकी पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि एक युवती के सौदे में गिरोह को दो लाख रुपये मिले थे, जिसमें से 40 हजार रुपये नकद पुलिस ने एक महिला आरोपित के कब्जे से बरामद किए हैं।