अंबेडकर नगर। अगर आप अपनी गाड़ी से जुड़ी समस्या लेकर एआरटीओ कार्यालय जा रहे हैं तो सावधान रहिए। यहां अपनी परेशानी बताने और काम में देरी पर सवाल उठाने पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी मिल सकती है। गुरुवार को ट्रक के कागजात दुरुस्त कराने पहुंचे वाहन स्वामी अखिलेश तिवारी ने कर्मचारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कार्यालय के भीतर शर्ट उतारकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला बढ़ने पर एआरटीओ की ओर से महिला कर्मचारियों को बुलाए जाने और पुरुष कर्मचारियों को भी शर्ट उतारकर बैठने के लिए कहे जाने का आरोप है। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
वाहन स्वामी के मुताबिक, वह ट्रक के कागजात दुरुस्त कराने के लिए लंबे समय से एआरटीओ कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। गुरुवार को उसने अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी और काम में हो रही देरी पर सवाल किया। आरोप है कि समाधान करने के बजाय उसे एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
इसके बाद विवाद बढ़ गया और वाहन स्वामी ने विरोध में अपनी शर्ट उतार दी। आरोप है कि स्थिति को संभालने के बजाय एआरटीओ ने महिला कर्मचारियों को बुलाया तथा पुरुष कर्मचारियों से भी शर्ट उतारकर बैठने को कहा गया। इस दौरान कार्यालय में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया। घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद एआरटीओ कार्यालय की कार्यप्रणाली और वाहन स्वामियों की शिकायतों के निस्तारण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
वाहन स्वामी का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति महीनों से अपनी समस्या के समाधान के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहा है तो उसकी शिकायत सुनने के बजाय मुकदमे की धमकी देना गंभीर विषय है।