अंबेडकर नगर। एनटीपीसी टांडा परियोजना में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी पखवाड़ा-2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। प्रशासनिक भवन स्थित सभागार में आयोजित समारोह का शुभारंभ महाप्रबंधक प्रचालन एवं अनुरक्षण सुभाष चंद्र सिंह ने किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राजभाषा प्रतिज्ञा दिलाई।
समारोह में डालिम्स के हिंदी प्रवक्ता एवं विशिष्ट अतिथि कृष्ण मोहन तिवारी ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था। यह दिन देशवासियों के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। संविधान निर्माताओं ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए हिंदी को उपयुक्त भाषा के रूप में स्वीकार किया। आजादी के बाद हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
महाप्रबंधक सुभाष चंद्र सिंह ने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी में कार्य करना सहज और सरल है। अपनी राजभाषा में कार्य करने पर सभी को गर्व की अनुभूति होनी चाहिए। उन्होंने हिंदी पखवाड़े के सफल आयोजन की कामना करते हुए सभी से सक्रिय सहभागिता की अपील की।
विभागाध्यक्ष (मानव संसाधन) रजनीश कुमार खेतान ने हिंदी से संबंधित नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी टांडा में 14 से 28 सितंबर तक हिंदी पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस दौरान कर्मचारियों, उनके परिवारजनों और सहयोगियों के लिए हिंदी निबंध लेखन सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा कवि सम्मेलन और नाटक मंचन जैसे कार्यक्रम भी होंगे।
समारोह में परियोजना के महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्ष, राजभाषा नोडल अधिकारी तथा यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। राजभाषा नोडल अधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों ने भी हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।