अयोध्या। पावन नगरी अयोध्या का वातावरण मंगलवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा, जब अखिल विश्व गायत्री परिवार के सैकड़ों साधकों ने रामकोट की भव्य परिक्रमा की। परिक्रमा न केवल धार्मिक अनुष्ठान थी, बल्कि आस्था, संस्कार और समाज में एकता का संदेश देने का अनुपम उदाहरण बनकर उभरी।
साधक प्रातःकाल संगठित होकर हाथों में ध्वज लिए परिक्रमा पथ पर निकले। पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन और गायत्री मंत्र के जप से वातावरण दिव्यता से भर गया। “ओम् भूर्भुवः स्वः… जय श्री राम जय श्री राम” के उद्घोष ने श्रद्धालुओं के मनों में आध्यात्मिक जोश का संचार कर दिया।
परिक्रमा श्रीराम जन्मभूमि से शुरू होकर टेढ़ी बाजार, गोकुल भवन, अशर्फी भवन, मत्गजेंद्र, हनुमानगढ़ी तिराहा होते हुए पुनः श्रीराम जन्मभूमि पर संपन्न हुई। इस दौरान स्थानीय श्रद्धालुओं ने रामलला के जयघोष और “भारत माता की जय” के नारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
अंत में रामकोट प्रांगण में साधकों ने सामूहिक शांतिपाठ किया और अयोध्या सहित सम्पूर्ण राष्ट्र की सुख-समृद्धि व विश्व शांति की प्रार्थना की। परिक्रमा में गायत्री शक्तिपीठ रामकोट के व्यवस्थापक राम केवल बाबू, संजय चतुर्वेदी, महेंद्र सिंह, विनोद सिंह, इंजीनियर राम अवतार गर्ग, डॉ. अनुराग तिवारी, सुशील जयसवाल, नरेंद्र जी, अनुपम पाण्डेय सहित अनेक साधक शामिल रहे।