◆ शरद शुक्ला बोले—परिवार को रोजगार और आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की जरूरत, फूल बेचने के लिए पांच हजार रुपये वसूली का भी आरोप
अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिसंबर 2023 में अयोध्या में मीरा मांझी के घर चाय पीने के दौरे के संदर्भ में भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने परिवार की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के दौरे के बाद परिवार की आजीविका की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका। प्रेसवार्ता में उन्होंने प्रधानमंत्री के मीरा मांझी के घर पहुंचने का वीडियो दिखाते हुए परिवार की रोजगार संबंधी परेशानियों और कर्ज का मुद्दा उठाया।
शरद शुक्ला ने कहा कि किसी गरीब परिवार के घर जाकर चाय पीना और उस मुलाकात का प्रचार करना पर्याप्त नहीं है। यह भी देखा जाना चाहिए कि संबंधित परिवार की आर्थिक स्थिति में कितना बदलाव आया और क्या वह सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर पा रहा है। उन्होंने मीरा मांझी के परिवार की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि रोजगार और नियमित आमदनी के अभाव में परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
फूल बेचने के लिए पांच हजार रुपये वसूली का आरोप
मीरा मांझी के मुताबिक, वह घाट पर फूल बेचकर परिवार का खर्च चलाती थीं। उनका आरोप है कि फूल बेचने के लिए जगह उपलब्ध कराने के बदले पांच हजार रुपये वसूले जाते थे। इस संबंध में शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। कारोबार बंद होने से परिवार की आमदनी का एक प्रमुख स्रोत समाप्त हो गया। उन्होंने बताया कि नाव से होने वाली कमाई भी नियमित नहीं है, जिससे बच्चों के पालन-पोषण और घरेलू खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
तीन लाख रुपये के ऋण की किस्त चुकाने में परेशानी
मीरा मांझी के अनुसार, उन्होंने परिवार की आजीविका के लिए नाव उपलब्ध कराने की मांग की थी। बाद में जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के माध्यम से केनरा बैंक से तीन लाख रुपये का ऋण मिला। हालांकि, पर्याप्त आमदनी नहीं होने के कारण ऋण की किस्तें चुकाने में परेशानी हो रही है। परिवार का कहना है कि किस्त जमा करने के लिए उसे दूसरों से भी उधार लेना पड़ रहा है।
मीरा मांझी ने आरोप लगाया कि किस्तें जमा नहीं होने पर रिकवरी एजेंट घर पहुंचकर धमकाते हैं। इससे परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शरद शुक्ला ने कहा कि रोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने के साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि संबंधित परिवार की आमदनी इतनी हो कि वह अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ ऋण की अदायगी कर सके।
आर्थिक सहायता और स्थायी रोजगार की मांग
शरद शुक्ला ने गरीब परिवारों की आर्थिक सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता का आकलन परिवारों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मीरा मांझी के परिवार की स्थिति का संज्ञान लेने, उसकी आजीविका की समस्या का समाधान करने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
प्रेसवार्ता के अंत में उन्होंने आम लोगों से भी परिवार की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दीपावली पर परिवार के घर में खुशियां लौटाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उनके अनुसार, परिवार को तत्काल सहायता के साथ आजीविका का स्थायी साधन उपलब्ध कराना भी जरूरी है, ताकि वह कर्ज के दबाव से बाहर निकल सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित कर सके। प्रेसवार्ता में पीसीसी सदस्य संजय तिवारी, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामेंद्र त्रिपाठी और नगर पंचायत अध्यक्ष विकास सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।