Friday, March 6, 2026
HomeAyodhya/Ambedkar Nagarअयोध्याआचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को अब तक नहीं मिला...

आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को अब तक नहीं मिला दीपावली बोनस, कमिश्नर ने लौटाई ग्रांट


अयोध्या। कुमारगंज स्थित आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को प्रदेश सरकार द्वारा घोषित दीपावली बोनस अब तक नहीं मिल सका है। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लगभग 10 दिन पूर्व करीब 400 कर्मचारियों के बोनस की ग्रांट आहरण के लिए कमिश्नर अयोध्या कार्यालय को भेजी गई थी, लेकिन कमिश्नर ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए ग्रांट वापस कर दी। आपत्ति में सवाल उठाया गया कि जब दीपावली काफी पहले गुजर चुकी है, तो बोनस की फाइल अब क्यों भेजी गई।

विश्वविद्यालय के इस कार्य से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कमिश्नर अयोध्या ने इस मामले में कई पन्नों की आपत्तियां दर्ज की हैं, जो विश्वविद्यालय के वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

पिछले दो–तीन वर्षों से विश्वविद्यालय के कंट्रोलर कार्यालय की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। हालात यह हैं कि कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल पा रहा। विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक नीरज श्रीवास्तव का तर्क रहता है कि वेतन व अन्य भुगतान की ग्रांट तैयार होने और कुलपति के हस्ताक्षर के बाद मंडलायुक्त की स्वीकृति में हफ्तों लग जाते हैं, जिससे भुगतान में देरी होती है। वेतन और बोनस में लगातार देरी का ठीकरा मंडलायुक्त पर फोड़ते है, क्योंकि विश्वविद्यालय स्तर पर ही गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।

इस मामले में वित्त नियंत्रक नीरज श्रीवास्तव ने स्वीकार किया है कि कमिश्नर अयोध्या ने बोनस ग्रांट देर से भेजने पर क्वेरी की है, जिसका जवाब शीघ्र भेजकर ग्रांट रिलीज कराने का प्रयास किया जाएगा। विश्वविद्यालय में स्थिति यह है कि सैकड़ों कर्मचारियों के डीए और एरियर वर्षों से लंबित हैं, वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं पर भी कोई ठोस सुनवाई नहीं हो रही है।

चौंकाने वाली बात यह है कि विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला संस्थान माना जाता है, लेकिन कर्मचारियों के सेवा लाभों और वित्तीय अधिकारों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की गंभीरता सवालों के घेरे में है। कर्मचारियों का आरोप है कि कुलपति और वित्त नियंत्रक के बीच समन्वय की भारी कमी इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

RELATED ARTICLES

Most Popular

Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar

Recent Comments