Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी संगठनों ने बुलंद की आवाज

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी संगठनों ने बुलंद की आवाज

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◆ TET की अनिवार्यता खत्म करने और सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक की मांग


अयोध्या। पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) बहाल करने, शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त करने और सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर अटेवा-पेंशन बचाओ मंच के नेतृत्व में विभिन्न कर्मचारी एवं शिक्षक संगठनों ने आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने पुरानी पेंशन को कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताते हुए मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की बात कही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अटेवा के प्रदेश आईटी सेल प्रभारी अभिनव सिंह राजपूत ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली केवल कर्मचारियों का विषय नहीं, बल्कि उनके भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी अपने सेवाकाल का महत्वपूर्ण समय सरकारी व्यवस्था को देते हैं, इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कर्मचारी संगठनों से एकजुट होकर मांग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

अटेवा जिलाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने कहा कि वर्ष 2004 के बाद पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर NPS लागू किए जाने से बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने सेवानिवृत्त जीवन को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जब तक पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल नहीं होती, तब तक शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।

जिला महामंत्री उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि कर्मचारियों ने लंबे समय तक सरकारी सेवा की है और सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन मिलना जरूरी है। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाल करने के साथ TET की अनिवार्यता समाप्त करने और सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की।

कार्यक्रम में विभिन्न कर्मचारी और शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी मांगों का समर्थन किया। PWD नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ के महामंत्री अवधेश यादव एवं अध्यक्ष अतीक रहमान, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अवधेश यादव एवं अशोक वर्मा, सिंचाई संघ से अजय कुमार, संजय पासवान एवं अरविंद सोनकर, राजकीय नर्सेज संघ की अध्यक्ष पूनम गुप्ता, मंत्री अजय सिंह एवं विमला देवी, PSPSA के जिलाध्यक्ष श्याम जी वर्मा तथा सफाई कर्मचारी संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गौतम ने अपने विचार रखे।

वक्ताओं ने कहा कि NPS के तहत कर्मचारियों के सेवानिवृत्त भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है, जबकि पुरानी पेंशन व्यवस्था सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती थी। शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता को लेकर भी वक्ताओं ने अपनी आपत्ति जताई और सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की।

सरकारी संस्थानों के निजीकरण का विरोध करते हुए संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि इससे रोजगार के अवसर और सरकारी सेवाओं की जवाबदेही प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आवश्यक सरकारी संस्थानों और सेवाओं को मजबूत करने की मांग की।

अंत में विभिन्न संगठनों ने पुरानी पेंशन बहाली, TET की अनिवार्यता समाप्त करने और सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर एकजुटता जताई। संगठनों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा।

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