अयोध्या। निषाद नगर रेतिया पण्डारे स्थित वीर बाबा मंदिर पर रविवार को निषाद समाज ने एकता और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राहुल निषाद और संचालन सुनील निषाद ने किया।
मुख्य अतिथि के रूप में घुमंतु जनजाति भारत सरकार के सदस्य भरत भाई पटनी और प्रवीण जी गोगे उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में प्रदेश अध्यक्ष श्यामवीर सिंह, मत्स्य पूजन प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रभारी कैलाश नाथ निषाद और समाज कल्याण अधिकारी रणविजय सिंह शामिल हुए। अतिथियों का स्वागत समाज के अध्यक्ष संतोष निषाद ने अंगवस्त्र और बुके भेंट कर किया।
इस दौरान संतोष निषाद ने भरत भाई पटनी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि निषाद समाज की विभिन्न उपजातियां – केवट, बिंद, धीमर, मल्लाह, गोंड, कश्यप, भुजवा, तुरहा, खरवार, मांझी आदि – मूल रूप से एक ही परंपरा, व्यवसाय और संस्कृति से जुड़ी हैं। लेकिन प्रशासनिक अभिलेखों व जनगणना में इन्हें अलग-अलग दर्ज किया जाता है, जिससे समाज को वास्तविक जनसंख्या और सामाजिक न्याय का अधिकार नहीं मिल पाता। उन्होंने मांग रखी कि निषाद समाज की सभी उपजातियों को एकीकृत कर “निषाद” नाम से राज्य पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल किया जाए और इसकी अनुशंसा भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजी जाए।
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कि निषाद समाज के लोगो में आरक्षण का दर्जा न दिए जाने पर नाराजगी है। सरकार को चाहिए आने वाले 2027 के चुनाव से पहले आरक्षण का दर्जा दिया जाए।जिसका लाभ चुनाव में सरकार को मिलेगा।
कार्यक्रम में अमन निषाद उर्फ आकाश, श्याम बाबू निषाद, कुश निषाद, ध्रुव निषाद, अमर निषाद, पार्षद लवकुश निषाद, हरिकिशन निषाद, जिलेश निषाद, रोहित निषाद (प्रधान), विकास निषाद, नंदू निषाद सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।