◆ मनरेगा नाम बदलाव के विरोध में विधानसभा घेराव को लेकर बढ़ा राजनीतिक तापमान
अयोध्या। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आह्वान पर लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे फैजाबाद महानगर के पदाधिकारियों को प्रशासन ने सोमवार देर रात से उनके आवासों पर नजरबंद कर दिया। महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम समेत कई प्रमुख नेताओं को पुलिस बल तैनात कर लखनऊ जाने से रोक दिया गया।
कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन बताया। महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को रोकना सरकार की असहिष्णुता दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा के नाम में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में उठ रही आवाज को दबाने के लिए प्रशासन ने अलोकतांत्रिक कदम उठाया है।
इसी क्रम में लखनऊ में विधानसभा घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा की गई। पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह और जिला अध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने बयान जारी कर कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग सरकार की घबराहट का प्रतीक है। उनका कहना था कि प्रदेश भर में कांग्रेसजनों को लखनऊ पहुंचने से रोका गया और जो पहुंचे, उन पर बल प्रयोग किया गया।
महानगर अध्यक्ष ने कहा कि चाहे मनरेगा का मुद्दा हो, किसानों की जमीन का सवाल हो या अन्य सामाजिक-धार्मिक सम्मान से जुड़े विषय—कांग्रेस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। जिला प्रवक्ता शीतला पाठक ने भी प्रशासनिक कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान की मांग को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।