अयोध्या। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे छात्रों और युवाओं के संघर्ष का परिणाम बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने कहा कि देशभर के छात्रों और युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाई, जिसके परिणामस्वरूप सरकार को यह निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए, ताकि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि लाखों छात्रों ने अपने भविष्य को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं और छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को आगे भी उठाती रहेगी तथा पारदर्शी और निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग करती रहेगी।
पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि छात्रों के आंदोलन और देशभर में उठी मांगों के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनमत की अहम भूमिका का उदाहरण बताते हुए कहा कि अब मामले में जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
जिला प्रवक्ता शीतला पाठक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि पार्टी छात्रों और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और परीक्षा व्यवस्था में युवाओं का विश्वास कायम रहे।