◆ महापौर की मांग पर नगर विकास मंत्री ने ‘एकमुश्त समाधान योजना’ लागू करने का दिया आश्वासन
अयोध्या। नगर निगम क्षेत्र के हजारों बकाएदारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। गृहकर, जलकर एवं सीवेज कर के बकाए पर लगने वाले ब्याज को माफ किए जाने की उम्मीद जगी है। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी द्वारा उठाए गए मुद्दे पर नगर विकास मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए एक अगस्त से “एकमुश्त समाधान योजना” लागू करने का भरोसा दिया है।
सोमवार देर शाम आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान महापौर ने नगर विकास मंत्री के समक्ष नगर निगम क्षेत्र के करदाताओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रक्रियागत खामियों और तकनीकी कारणों से बड़ी संख्या में लोगों तक समय पर टैक्स बिल नहीं पहुंच सके, जिसके कारण नागरिक समय से कर जमा नहीं कर पाए। इसका सीधा असर यह हुआ कि बकाए पर भारी ब्याज जुड़ता चला गया और आम नागरिक आर्थिक बोझ से परेशान हो गए।
महापौर ने मंत्री के सामने तार्किक ढंग से यह मांग रखी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में लागू की जाने वाली “एकमुश्त समाधान योजना” का लाभ केवल सीमित बकाएदारों तक न रखकर सभी नागरिकों को दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में 50 हजार रुपये तक के बकाएदारों को राहत देने की सीमा तय है, जबकि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन पर इससे अधिक बकाया है और वे भी राहत के पात्र हैं।
नगर विकास मंत्री ने महापौर के सुझाव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए 50 हजार रुपये की सीमा हटाकर योजना को सभी बकाएदारों पर लागू करने की बात सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर ली। साथ ही उन्होंने एक अगस्त से योजना लागू किए जाने का भरोसा भी दिया।